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CAA: समर्थन देने पहुंचे पूर्व आईएएस अफसर गोपीनाथन, बोले- संविधान का हनन है नागरिकता संशोधन कानून

Thu, 06 Feb 2020 02:11 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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समर्थन देने पहुंचे पूर्व आईएएस कन्नन गोपीनाथन व संदीप पांडेय - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के घंटाघर पार्क में बुधवार को दिन भर देशभक्ति गीत गूंजते रहे। नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं को समर्थन देने शाम को पूर्व आईएएस अफसर कंनन गोपीनाथन घंटाघर पहुंचे। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून को संविधान का हनन करने वाला बताया। उधर, गोमतीनगर में महिलाओं का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। हुसैनाबाद स्थित घंटाघर के सामने बीते 20 दिनों से चल रहे महिलाओं के शांतिपूर्वक प्रदर्शन में शाम को पहुंचे पूर्व आईएएस अफसर ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद संविधान का अनुच्छेद-14 खत्म हो जाएगा। ये कानून संविधान का हनन करने वाला है। उन्होंने कहा कि देश व संविधान बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा। उन्होंने सीएए व एनआरसी का विरोध करने वालों के खिलाफ पुलिस उत्पीड़न पर कहा कि पुलिस व प्रशासन को समझना चाहिए कि देश संविधान से चलेगा, किसी के आदेश पर नहीं। उनके साथ रिहाई मंच के अध्यक्ष एडवोकेट मो. शुऐब, मैग्सेसे से सम्मानित संदीप पांडेय ने भी महिलाओं का हौसला बढ़ाया।


 
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समर्थन देने पहुंचे पूर्व आईएएस कन्नन गोपीनाथन - फोटो : अमर उजाला
वहीं दिन में सपा एससी-एसटी प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश अंबेडकर, सपा नेता मुलायम सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता गौतम राणे, वरिष्ठ शायर वासिफ फारूकी भी घंटाघर पहुंचे। इसके अलावा यूनिटी कॉलेज की पूर्व उप प्रधानाचार्या तस्वीर जहरा नकवी, यादव सेना के अध्यक्ष शिव कुमार यादव, सामाजिक कार्यकर्ता केके वत्स और आमिर मुख्तार ने भी महिलाओं का हौसला बढ़ाया। सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में महिलाओं की भीड़ जुटी रही। घंटाघर पर तिरंगे लहराए जाते रहे और सीएए, एनआरसी के खिलाफ नारेबाजी के साथ महिलाओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के साथ संविधान बचाने का संकल्प लिया। बच्चों ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाए। उधर, गोमतीनगर के उजरियांव स्थित गंज शहीदा कब्रिस्तान के निकट दरगाह परिसर में 19 जनवरी से शुरू महिलाओं का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। खुले आसमान के नीचे महिलाएं रात में एनआरसी, सीएए के विरोध में डटी रहीं। महिलाओं को समर्थन देने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला चल रहा है।
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समर्थन देने पहुंचे पूर्व आईएएस कन्नन गोपीनाथन - फोटो : अमर उजाला
इतिहास में दर्ज होती है पुलिस की बर्बरता
पूर्व आईएएस अफसर ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, पर पुलिस की बर्बरता को इतिहास याद रखता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रचारित किया जा रहा है कि सीएए व एनआरसी का विरोध मुसलमान कर रहे हैं, मैं बताना चाहता हूं कि इस कानून का विरोध बडे़ पैमाने पर आदिवासी भी कर रहे हैं। इसके अलावा संविधान प्रेमी भी इस कानून के विरोध में हैं।

 

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घंटाघर पर प्रर्दशन - फोटो : अमर उजाला
पत्रकार से अभद्रता पर भड़कीं महिलाएं
घंटाघर पर महिलाओं के प्रदर्शन की कवरेज कर रहे एक पत्रकार से दो महिलाओं ने अपने साथियों के साथ अभद्रता कर दी। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने इसका विरोध किया तो वो प्रदर्शनकारी महिलाओं से भिड़ गईं। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि अभद्रता करने वाली महिलाएं विरोधियों की भेजी हो सकती हैं जो प्रदर्शन को खराब करना चाहती है।
 
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घंटाघर में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
घंटाघर के आसपास खुद कर रहीं सफाई
पुुराने लखनऊ के घंटाघर पर बीते 20 दिनों से चल रहे महिलाओं के प्रदर्शन में साफ-सफाई का काम महिलाओं व छात्राओं ने अपने हाथों में ले रखा है। छात्राएं दिन भर प्रदर्शन स्थल से कागज बीनने का काम कर रही हैं। इस दौरान कूड़े को ठीक तरह से रखा जाता है।

प्रदर्शन के समर्थन में पहुंच रहे वकील
महिलाओं के प्रदर्शन के समर्थन देने और महिलाओं का हौसला बढ़ाने के लिए अधिवक्ताओं की भीड़ भी रोज घंटाघर पहुंच रही हैं। बुधवार को एडवोकेट यामीन खान की अगुवाई में काफी तादात में अधिवक्ता घंटाघर पर डटे रहे।
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