साल का पहला चंद्रग्रहण शुक्रवार को लग रहा है। यह उपछाया चंद्रग्रहण होगा। इसके शुभ-अशुभ प्रभाव को लेकर लखनऊ के लोगों में भारी जिज्ञासा है। इन्हीं आशंकाओं को लेकर अमर उजाला ने ज्योतिषाचार्यों से बात की।
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अलीगंज निवासी ज्योतिषी एसएस नागपाल का कहना है कि 10 जनवरी पूर्णिमा को उपछाया चंद्रग्रहण लगेगा। इस कारण इसका सूतक नहीं रहेगा। ग्रहण काल में पूजा-पाठ किए जा सकेंगे।
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इसमें चंद्रमा घटता-बढ़ता नहीं दिखाई देगा, सिर्फ चंद्र के आगे धूल की एक परत-सी छा जाएगी। इस कारण चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं होगा। प्रमुख मठ-मंदिरों के खुले होने के बाबत जानकारी की।
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ज्योतिषियों ने स्पष्ट किया कि ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। वहीं शहर के प्रमुख मंदिरों ने भी इससे सहमति जताते हुए कहा कि मंदिरों के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे।
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आचार्य प्रदीप तिवारी का कहना है कि भारत में चंद्रगहण नहीं है। धर्मशास्त्रों के अनुसार भी जो ग्रहण दिखाई नहीं देगा, उसका शुभ-अशुभ प्रभाव नहीं होता।
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मनकामेश्वर मठ मंदिर की महंत देव्यागिरी ने बताया कि भारत में ग्रहण नहीं दिखेगा।