लखनऊ के रिहायशी इलाके ऐशबाग में स्थित कैलाश कोल्ड स्टोरेज में सोमवार रात भीषण आग से हाहाकार मच गया। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचते ही आग बुझाने में जुट गई, लेकिन 30 घंटे बाद भी लपटों पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका। कोल्ड स्टोरेज में राजधानी के किराना व्यापारियों का सूखा मेवा, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री रखी थी, जो अधिकांश स्वाहा हो गई। आग से करीब 20 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
चीफ फायर अफसर अभयभान पांडेय ने बताया कि आग तीसरे, चौथे व पांचवें चैंबर में लगी। कोल्ड स्टोरेज सुभाष अरोड़ा व उनके बेटे विशाल और सतीश का है, जो पड़ोस में ही रहते हैं। यहां के मैनेजर किशन कुमार अरोड़ा और चौकीदार बृज कुमार हैं।
सोमवार रात करीब 10 बजे चौकीदार ने कोल्ड स्टोरेज की लाइट बंद देखी तो पड़ताल करने इलेक्ट्रिक पैनल के पास पहुंच गया। वहां एमसीबी डाउन मिली। चौकीदार ने एमसीबी उठाई पर वह फिर से गिर गई। शार्ट सर्किट की आशंका पर चौकीदार भीतर गया तो वहां धुआं भरा हुआ था। उसने तत्काल सुभाष और किशन कुमार को फोन किया।
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हड़बड़ाए सुभाष, विशाल और सतीश सहित अन्य परिवारीजन तुरंत कोल्ड स्टोरेज पहुंचे और पुलिस कंट्रोल रूम को भीषण आग लगने की जानकारी दी। इस पर चौक, आलमबाग, हजरतगंज, बीकेटी, पीजीआई की दमकल पहुंच गईं। आग बुझाने की कोशिश की गई पर सफलता नहीं मिली। देखते ही देखते इलाके में धुआं छा गया।
चीफ फायर अफसर का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज काफी बड़ा है। धुएं के कारण यह पता नहीं लग पा रहा कि आग कहां लगी है? भीतर आने-जाने का एक ही रास्ता है। चारों तरफ मकान बने हुए हैं इसलिए आग बुझाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई। मंगलवार देर रात तक आग पर काबू पाने की कोशिश जारी थी।
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आग बुझाने के लिए तरह-तरह की तरकीबें अग्निशमन कर्मी अपना रहे हैं।