अर्जुन कपूर फिल्म हाफ गर्लफ्रेंड के प्रमोशन के लिए लखनऊ पहुंचे। यहां उन्होंने कटप्पा, बाहुबली, टुंडे के कबाब सहित मुलायम सिंह का भी जिक्र किया। उनके साथ श्रद्धा कपूर भी थीं, पढ़ें ये बातचीत...
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अर्जुन और श्रद्धा कपूर
- फोटो : amar ujala
लखनऊ मुझे मेरी पहली मूवी इश्कजादे की याद दिलाता है। यहां आना महीनों रुकना, घूमना, शूट करना, कई तरह के जायकों का लुत्फ उठाना। पहली मूवी और पहला हिट गाना आपकी पहली पहचान बन जाती है। जैसे मुझे देखते ही अगर लोग हुआ छोकरा जवां रे.. से पहचानते हैं तो श्रद्धा को देखते ही लोग अब तुम ही हो.. से। पहली मूवी और पहले शूट लोकेशन का यही जादू होता है। मंगलवार को अपनी फिल्म हाफ गर्लफ्रेंड के प्रमोशन के लिए शहर पहुंचे कलाकारों अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर ने गोमतीनगर स्थित एक होटल में अपने मन की बातें साझा की। अर्जुन बिहारी युवा का किरदार निभा रहे हैं तो श्रद्धा दिल्ली की अमीरजादी का।
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अर्जुन और श्रद्धा कपूर
- फोटो : amar ujala
फिल्म चेतन भगत के उपन्यास हाफ गर्लफ्रेंड पर बनी है। उनका नॉवेल पढ़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर श्रद्धा ने कहा, शुरुआती पन्ने पढ़े लेकिन डायरेक्टर ने आगे पढ़ने से मना कर दिया।
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अर्जुन और श्रद्धा कपूर
- फोटो : amar ujala
जबकि अर्जुन ने कहा, न तो मेरा पढ़ने का मन था, न ही मैंने नॉवेल पढ़ी क्योंकि डायरेक्टर ने पहले ही मना कर दिया था। हमने सिर्फ स्क्रिप्ट पढ़ी। मुझे पढ़ने का इतना शौक नहीं है, लेकिन चेतन एजुकेशन व रोमांस का जो मिश्रण तैयार करते हैं, वो गजब है।
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अर्जुन और श्रद्धा कपूर
- फोटो : amar ujala
श्रद्धा कपूर ने कहा, फिल्म में उनका रोल वास्तविक लगे, इसके लिए बास्केटबॉल खेलने की ट्रेनिंग ली। अर्जुन ने बताया कि बिहारी युवक के लिए कुछ खास बोली सीखी। श्रद्धा ने कहा कि लखनऊ पहली बार आना हुआ है। काफी कुछ देखना चाहती हूं। पर, बिजी शेड्यूल के चलते अभी तय नहीं है कि क्या कुछ देख पाऊंगी। सुबह ही कोलकाता निकलना है।
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अर्जुन और श्रद्धा कपूर
- फोटो : amar ujala
लखनऊ से जुड़े अनुभवों को लेकर भावुक हुए अर्जुन ने कहा, ये शहर बतौर एक्टर मेरी जन्मभूमि है। मैंने अपने कॅरिअर की शुरुआत लखनऊ, फैजाबाद, बाराबंकी में इश्कजादे की शूटिंग से की। अपनी टीम के साथ यहां कई त्योहार मनाए। नई फिल्म की कुछ शूटिंग बनारस में की है। टुंडे के जायके के बीच अर्जुन और श्रद्धा ने बताया कि लखनऊ में उन्हें बड़े मंगल की परंपरा काफी अच्छी लगी। मौका लगता तो वे भी भंडारे का प्रसाद चखते।
बाहुबली की कमाई को लेकर पूछे गए सवाल पर कलाकारों ने कहा, ये फिल्म इंडस्ट्री के लिए बढ़िया है कि एक मूवी ने जो हिंदी भाषी नहीं थी कमाई का नया बेंचमार्क बना दिया। लोग उत्सुक थे कि आखिर कटप्पा ने क्यों मारा? ऐसी फिल्मों से कॉमर्शियल सिनेमा का हौसला और बढ़ता है। सुना है, सपा नेता मुलायम सिंह भी यह फिल्म देख रहे हैं। फिल्म का यही जादू है कि नेता भी खींचे चले आ रहे हैं।