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मुख्यमंत्री योगी से बेटियों की गुहार: 'हमारा भविष्य बचा लीजिए', 90 साल पुराना स्कूल उजड़ा तो रो पड़ीं बेटियां

Sun, 07 Jun 2026 10:05 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी लखनऊ में अपना स्कूल उजड़ता देख छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी से अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारा भविष्य यानी हमारा स्कूल बचा लीजिए। नहीं तो हम कहां पढ़ेंगे। आगे पढ़ें पूरी खबर... 
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स्कूल के सामने प्रदर्शन करतीं बेटियां। - फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी.
राजधानी लखनऊ में हजरतगंज के नरही स्थित सरकार की ओर से संचालित सहायता प्राप्त विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल को खाली कराने के विरोध में शनिवार को छात्राएं, उनके अभिभावक और शिक्षक धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विद्यालय को बचाने की गुहार लगाई। उनका कहना था कि विद्यालय पर जबरदस्ती कब्जा किया गया है और अब उनके सामने पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है।

धरने में शामिल अभिभावकों ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपनी बेटियों को निजी स्कूलों में पढ़ा सकें। उनका कहना था कि दिनभर मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करने वाले लोगों के लिए यह विद्यालय ही सहारा है। यदि विद्यालय बंद हुआ तो गरीब परिवारों की बेटियां शिक्षा से वंचित हो जाएंगी।

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स्कूल के सामने प्रदर्शन करतीं छात्राएं और अभिभावक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
शनिवार को धरनास्थल पर छात्राओं के समर्थन में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, पांडेय गुट और एकजुट संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत जिला प्रशासन की मिलीभगत से विद्यालय की जमीन पर कब्जा कराया गया है। उनका कहना था कि प्रदेश के कई एडेड कॉलेज पहले भी ऐसे प्रयासों का सामना कर चुके हैं।

विद्यालय की प्रबंधक संतोष रस्तोगी ने कहा कि विद्यालय को बंद नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विद्यालय के गेट पर ही कक्षाएं संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि विद्यालय वर्ष 1936 से संचालित है और यहां के शिक्षकों व कर्मचारियों को सरकार की ओर से वेतन दिया जाता है। वर्तमान में विद्यालय में 250 छात्राएं अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय है कि बीते बृहस्पतिवार को हजरतगंज पुलिस की मौजूदगी में एडीएम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए विद्यालय को खाली कराया गया था।


 
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स्कूल के सामने प्रदर्शन करतीं छात्राएं और अभिभावक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

मुख्यमंत्री से लेकर गृह सचिव तक गुहार

विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा, प्रमुख सचिव गृह विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।

शिकायत में कहा गया है कि विद्यालय भवन से संबंधित विवाद पिछले चार वर्षों से न्यायालय में लंबित है। इस मामले में 21 अप्रैल 2026 को अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी की ओर से विद्यालय खाली कराने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ जिला जज की अदालत में स्टे की अपील दायर की गई है, जिस पर दो जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है।

प्रबंधन का आरोप है कि विद्यालय में गर्मियों की छुट्टियां होने के बावजूद चौकी प्रभारी शिवम पांडेय, कुछ अन्य पुलिस कर्मियों और 15 से 20 लोगों के साथ विद्यालय परिसर में पहुंचे और वहां रखा फर्नीचर, सरकारी अभिलेख, अलमारियां, पंखे और कूलर बाहर फेंक दिए।

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स्कूल के सामने प्रदर्शन करतीं छात्राएं और अभिभावक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

छात्राओं ने कहा- अब हम कहां पढ़ेंगे?

मेरे पिता मजदूरी करते हैं। मैं कक्षा एक से इसी विद्यालय में पढ़ रही हूं। जिन सीटों पर हम पढ़ते थे, उन्हें मैदान में फेंका हुआ देखा। मुख्यमंत्री जी से अपील है कि विद्यालय खुलवाया जाए। -श्रेया कश्यप

मेरा सपना पढ़-लिखकर कुछ बनने का है। मेरे पिता मुझे निजी स्कूल में पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं। विद्यालय का सामान पुलिस की मौजूदगी में बाहर फेंका गया। विद्यालय दोबारा खुलवाया जाए। -जूही

मुख्यमंत्री जी से हाथ जोड़कर निवेदन है कि मेरा विद्यालय बंद होने से बचाया जाए। गर्मियों की छुट्टियों के बाद हम कहां पढ़ने आएंगे, यह भी बताया जाए। -अलीशा सिद्दीकी

आर्थिक तंगी के बीच मेरी पढ़ाई चल रही है। यदि विद्यालय बंद हो गया तो मेरी पढ़ाई का सहारा खत्म हो जाएगा। -तनीशा दीक्षित

आज विद्यालय पहुंची तो दूसरे लोगों का ताला लगा हुआ था। कक्षा का सामान मैदान में फेंका हुआ देखकर बहुत दुख हुआ। अधिकारियों से अपील है कि विद्यालय फिर से खुलवाया जाए। -पक्षी
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स्कूल के सामने प्रदर्शन करतीं छात्राएं और अभिभावक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

अभिभावकों ने जताई चिंता

मेरी बेटी इसी विद्यालय में पढ़ती है। मैं प्राइवेट ड्राइवर हूं और निजी स्कूल की फीस नहीं दे सकता। सरकार से गुहार है कि विद्यालय को बचाया जाए। -सिकंदर

मैं निजी नौकरी करता हूं। बड़ी मुश्किल से परिवार का खर्च चलता है। मेरी बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती है। यहां फीस नहीं देनी पड़ती और पढ़ाई भी अच्छी होती है। विद्यालय बंद हुआ तो परेशानी बढ़ जाएगी। -संदीप

मेरी दो भतीजियां यहां पढ़ती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि उन्हें निजी स्कूल में पढ़ाया जा सके। 90 साल पुराने विद्यालय में जिस तरह कब्जा किया गया, उससे मैं हैरान हूं। -विवेक द्विवेदी

विद्यालय को बंद नहीं किया जाना चाहिए। जिस तरह यह कार्रवाई हुई है, वह गलत है। विद्यालय को बचाने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। -रीता गुप्ता


जब देश गुलाम था तब ये स्कूल खोला गया था। सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात कर रही है। दूसरी ओर इस तरह से विद्यालय बंद किए जा रहे हैं। बेटियों का विद्यालय है, इसे बंद करना उचित नहीं है। गुंडों पर सरकार को नियंत्रण करना चाहिए। -रविदास मेहरोत्रा, सपा विधायक


इंटरमीडिएट एक्ट के तहत जो भी प्रावधान हैं उसके तहत विद्यालय बचाया जाएगा। कोई भी मान्यता प्राप्त विद्यालय न बेचा जा सकता है न ही उसे बंद किया जा सकता है। -डॉ. प्रदीप कुमार, जेडी, माध्यमिक लखनऊ मंडल


एक चलते हुए विद्यालय को बर्बाद करने की साजिश है। इसे हम सफल नहीं होने देंगे। -आशीष कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री माध्यमिक शिक्षा संगठन पांडेय गुट


विद्यालय को कब्जाने की जिस तरह से तेजी दिखाई गई, उसमें सिस्टम की भूमिका संदिग्ध है। विद्यालय बंद नहीं होने दिया जाएगा। -सोहन लाल वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट
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