ये नजारा है लखनऊ विधानसभा के बाहर का। बुधवार सुबह पांच बजे से यहां कई ट्रैक्टर ट्राली पहुंचे जिनमें आलू और धान भरा हुआ था। कुछ देर बाद ही ये आलू आम जनता को बांटा जाने लगा। देखें किन लोगों ने किस वजह से ऐसा किया।
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आलू बांटते किसान
- फोटो : amar ujala
दरअसल ये आलू बांटे गए नोट बंदी के विरोध में। भारतीय किसान यूनियन ने भारी मात्रा में आलू और धान आम जनता को बांट दिया।
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आलू बांटते किसान
- फोटो : amar ujala
किसानों का कहना है कि ना तो उनका धान खरीदा जा रहा है, न तो नहरों में पानी है, ना खाद उपलब्ध हो रही है और न ही बीज।
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किसानों ने बांटा आलू
- फोटो : amar ujala
किसानों ने बताया, आलू में दोहरी मार पड़ रही है क्योंकि आलू का दाम 200 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि किसान को स्टोर के मालिक को 220 रुपए किराया देना पड़ता है।
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आळू बांटते किसान
- फोटो : amar ujala
किसानों ने बताया कि किसान न तो रबी की बुआई कर पा रहा है और ना अपना और आलू धान बेच पा रहा है। ऐसे में किसान पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। किसानों ने विरोध जताने के लिए आम जनता को अपना आलू और धान मुफ्त में बांट दिया।
अपनी समस्या बताते हुए किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है और कहा है कि अगर मुख्यमंत्री से बात करके उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान धरने पर बैठेंगे। समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने पर किसानों ने आज का विरोध प्रदर्शन बंद किया।