आसमान में उड़ते हुए बैलून में अचानक ईधन खत्म हो गया जिससे पायलट को उसकी लैंडिंग करानी पड़ी। एक गंभीर हादसा टल गया।
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आसमान में ईंधन खत्म, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग तस्वीरें....
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हॉट एयर बैलून फिएस्टा में सोमवार को आईआईएम रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर से गुब्बारों ने उड़ान भरी। इन्हें दाउदनगर में लैंड करना था, पर एक गुब्बारे को ईंधन खत्म होने के कारण फैजुल्लागंज में लैंड कराना पड़ा। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से सेफ लैंडिंग हुई।
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पर्यटन विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में बैलून फिएस्टा आयोजित किया गया है। इसके तहत शहर में जनेश्वर मिश्र पार्क, आईआईएम रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर, विकासनगर मिनी स्टेडियम, चौक स्टेडियम और गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज को स्पॉट्स बनाया गया है।
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इन स्पॉट्स में जहां हवा की रफ्तार उड़ान के मुताबिक होती है, वहां से फ्लाइट ली जाती है। सोमवार को चौक स्टेडियम से गुब्बारों को उड़ान भरना था, लेकिन हवा की रफ्तार के कारण स्पॉट को बदलकर आईआईएम रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर कर दिया गया।
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यहां से सुबह करीब सात बजे दस गुब्बारों ने उड़ानें भरीं। दाऊदनगर में लैंडिंग करनी थी, लेकिन फैजुल्लागंज में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। यह गुब्बारा ताइवान के पायलट मार्टिन उड़ा रहे थे। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से सेफ लैंडिंग हुई।
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पायलट मार्टिन ने बताया कि टेक ऑफ के दौरान गुब्बारे की फ्लाइट बेहतरीन रही, लेकिन करीब 800 फीट की ऊंचाई पर जाने के बाद ईंधन कम होने के सिग्नल मिले।
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जयपुर से आए बैलून पायलट करीमुल्लाह सैयद ने बताया कि बैलून की उड़ान हवा की रफ्तार पर तय होती है। फ्री फ्लाइट (जो नीचे रस्से से नहीं बंधा होता है) का आनंद तब आता है, जब हवा की रफ्तार 15 किमी प्रति घंटे से कम हो।
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स्पेन के पायलट केविन ने बताया कि गुब्बारों में अमूमन चार इंफ्लेशन सिलेंडर होते हैं। इनमें एलपीजी भरी जाती है। महर्षि विद्या मंदिर से लेकर दाऊदनगर तक की फ्लाइट में प्रत्येक गुब्बारे पर 140 लीटर गैस खर्च हुई।