दुधवा टाइगर रिजर्व एक नवंबर से खोला तो जा रहा है, पर यहां आने वालों को तमाम तरह की पाबंदियों से गुजरना पड़ेगा। वन क्षेत्र में वाहन से नीचे उतरने की अनुमति नहीं होगी, ताकि वन्य जीवों में कोरोना संक्रमण की तनिक सी आशंका को भी खत्म किया जा सके। 65 साल से अधिक आयु के व्यक्ति, बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, 10 वर्ष की आयु से कम के बच्चों को पर्यटन की अनुमति नहीं होगी। नियम न मानने पर अर्थदंड भुगतना होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
वन मंत्री दारा सिंह चौहान के आदेश पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पर्यटन के लिए आ रहे पर्यटकों का परिसर में सबसे पहले तापमान जांचा जाएगा। केवल उन्हीं पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति होगी, जिनमें कोविड-19 संबंधी लक्षण नहीं होंगे।
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- फोटो : pixabay
किसी भी पर्यटक में संक्रमण के लक्षण देखे जाने पर उनके साथ अन्य पर्यटकों को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सफारी वाहन में सामाजिक दूरी संबंधी नियमों के पालन के लिए सिर्फ चार पर्यटकों को ही जाने की अनुमति होगी। प्रत्येक वाहन में सैनिटाइजर रहेगा। यात्रियों के अलावा एक वाहन चालक और एक गाइड भी रह सकेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
किसी भी दशा में पर्यटकों को वन क्षेत्र में वाहन से नीचे उतरने की अनुमति नहीं होगी। हाथी से सवारी नहीं हो सकेगी। सभी पर्यटक अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करेंगे। व्यक्तिगत रूप से अपने पास सैनिटाइजर भी रखेंगे। मास्क उतारने या हटाने पर पाबंदी होगी। इस व्यवस्था का उल्लंघन करने पर संबंधित पर्यटक से 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वाहन चालक एवं गाइड भी मास्क का उपयोग करेंगे।
पर्यटक देंगे वाहन सैनिटाइजेशन का खर्च
रात्रि विश्राम के लिए एक हट में अधिकतम दो ही पर्यटकों को ठहरने की अनुमति होगी। हटों को रोजाना सैनिटाइज किया जाएगा, जिसका खर्च पर्यटकों से लिया जाएगा। सफारी वाहन के सैनिटाइजेशन पर आने वाला खर्च भी पर्यटकों से लिया जाएगा। मैन्यू में सिर्फ भोजन थाली होगी। पर्यटकों को कैंटीन में बैठने के लिए पहले से समय दिया जाएगा। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार ने कहा कि इन निर्देशों का पूरा पालन किया जाएगा।