प्रोफेसर डॉ रामनवल राव
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लार ग्रंथि के कैंसर का अभी तक माकूल इलाज नहीं हो पाता था। इसका पता अंतिम दौर में चलता था। ऐसे में मरीज को बचाना मुश्किल होता था। लगातार आ रहे मरीजों को देखते हुए एसजीपीजीआई की पैथोलॉजी में फाइनल निडिल एस्पिरेशन साइटोलॉजी (एफएनएसी) टेस्ट रिपोर्ट का अध्ययन किया गया। संस्थान के 350 मरीजों की जांच की गई। 20 से 60 साल वाले मरीजों की रिपोर्ट के आधार पर अध्ययन हुआ।