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'मेरे घर देर से आने पर सवाल लेकिन भाई से नहीं' कुछ इस तरह के सवालों से रूबरू हुए DGP सुलखान

Thu, 28 Dec 2017 07:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डीजीपी सुलखान सिंह - फोटो : amarujala
मैं खुशनसीब हूं कि मेरे पास बेटी है। जो हिम्मत मैने अपनी बेटी को दी वही हिम्मत आपको देने आया हूं। यह बात प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने बुधवार को विकास नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं से कही। डीजीपी ने छात्राओं से कहा कि वह दौर समाप्त हो चुका है जब आप सबको दबकर रहना पड़ता था और उत्पीड़न सहना पड़ता था। अब समय है कि ‘चुप्पी तोड़ो खुलकर बोलो’। 
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राएं - फोटो : amarujala
सुलखान सिंह लगभग दो घंटे तक छात्राओं के बीच रहे और हर एक छात्रा से उसकी समस्या को लिखित रूप में मांगा और उसके समाधान के निर्देश दिए। डीजीपी ने छात्राओं से कहा कि जो लड़कियां अपनी समस्या नहीं बता पा रही हैं, वे एक पेपर पर लिखकर दे दें, उनकी समस्याओं को दूर किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि महिलाओं के लिए ही प्रदेश में 1090 सेवा चल रही है। जिसमें सभी छात्राएं, महिलाएं बेझिझक अपनी समस्या रख सकती हैं और उनका तत्काल समाधान किया जाता है।
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डीजीपी सुलखान सिंह - फोटो : amarujala
एक छात्रा ने डीजीपी से सवाल किया कि वह घर पहुंचने में लेट होती है तो अभिभावक उससे कई तरह के सवाल पूछते हैं। जबकि उसका भाई लेट पहुंचता है तो उससे कोई कुछ नहीं पूछता। डीजीपी ने कहा कि अभिभावकों को भी खास ख्याल रखना चाहिए कि वह बेटा हो या बेटी दोनों के साथ एक जैसा मापदंड अपनाएं। बेटा बाहर क्या कर रहा था, इसकी भी जानकारी अभिभावक को लेना जरूरी है।

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डीजीपी सुलखान सिंह - फोटो : amarujala
एक छात्रा ने शिकायत की कि उसका घर मिनी स्टेडियम के पास है। स्टेडियम के सामने खड़े लड़के न सिर्फ छींटाकशी करते हैं बल्कि छात्राओं के साथ छेड़छाड़ भी करते हैं। इसी तरह एक लड़की ने शिकायत की कि घर से स्कूल के रास्ते में एक हलवाई लड़कियों को तंग करता है। डीजीपी ने इन दोनों मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। डीजीपी ने आईजी महिला पावर लाइन 1090 के प्रभारी नवनीत सिकेरा को निर्देश दिया कि इन दोनों मामलों को निजी तौर पर दिखवाएं और तत्काल कार्रवाई कराएं।
 
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डीजीपी सुलखान सिंह - फोटो : amarujala
प्रदेश के पुलिस मुखिया को खुद के बीच पाकर छात्राएं न सिर्फ खुश हुईं बल्कि डीजीपी के साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए कहा तो डीजीपी छात्राओं के साथ जमीन पर बैठकर उन्होंने तस्वीर खिंचवाई। छात्राओं के बीच डीजीपी से हाथ मिलाने की होड़ मच गई। छात्राओं ने डीजीपी से मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया तो डीजीपी ने उन छात्राओं के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। छात्राओं ने इसे अपने लिए यादगार दिन बताया। सभी ने डीजीपी के इस मिशन की तारीफ की।
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डीजीपी सुलखान सिंह - फोटो : amarujala
डीजीपी सुलखान सिंह ने सभी छात्राओं की शिकायत और सुझावों को आईजी महिला पावर लाइन नवनीत सिकेरा के हवाले कर दिया और निर्देश दिया कि इन पर तत्काल एक्शन लिया जाए। नवनीत सिकेरा ने बताया कि छात्राओं ने डीजीपी के सामने खुलकर अपनी बात रखी और डीजीपी ने भी उन्हें पूरा समय दिया। उन्होंने कहा कि जो भी शिकायतें आई हैं उन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी ताकि छात्राओं का पुलिस पर भरोसा और बढ़े।
 
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राएं - फोटो : amarujala
एक छात्रा ने पर्ची पर लिखकर सवाल पूछा कि आखिर बेटियों को कमजोर क्यों समझा जाता है। इस पर डीजीपी ने जवाब दिया कि बेटियां कमजोर नहीं होतीं। उन्हें कमजोर समझने वाले असल में कमजोर मानसिकता से ग्रसित हैं। बेटियों ने दिखा दिया है कि वे किसी से कम नहीं हैं। डीजीपी सुलखान सिंह ने छात्राओं से कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरुक हों। इसके लिए वे प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महिला वूमेन पावर लाइन-1090 तथा पुलिस सेवा के लिए डायल-100 का उपयोग कर सकती हैं। 
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