बहराइच की पुष्पा सिंह स्कूल टीचर हैं और प्रशासनिक अफसर बनना चाहती हैं। बीते दिनों उन्होंने ने सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा की प्री-परीक्षा हाथ से नहीं बल्कि पैरों से दी।
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इस बेटी ने अफसर बनने के लिए हाथ से नहीं पैरों से दी परीक्षा
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जब अफसर बनने की ठान ही ली है तो हाथ हो न हो, क्या फर्क पड़ता है। इसके लिए तो हौसला ही बहुत है। यह बात एकदम सटीक बैठती है बहराइच की पुष्पा सिंह पर। वह दोनों हाथ से निःशक्त है, इसलिए पैरों से लिखना सीख लिया।
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इस बेटी ने अफसर बनने के लिए हाथ से नहीं पैरों से दी परीक्षा
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पुष्पा वर्तमान में बीडीसी सदस्य है और एक स्कूल में पढ़ाती है। आत्मनिर्भरता का सबक देने वाली पुष्पा अब प्रशासनिक अफसर बनकर बदलाव लाना चाहती हैं।
इस बेटी ने अफसर बनने के लिए हाथ से नहीं पैरों से दी परीक्षा
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जब पुष्पा सिंह बीडीसी का चुनाव जीतीं तो उन्होंने अपने हाथ से नहीं बल्कि पैर से हस्ताक्षर किए थे। पुष्पा सिंह ने श्रावस्ती जिले में क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर जीत हासिल की थी।