एलईडी स्क्रीन पर जलती लंका, पल-पल बढ़ता कुंभकरण का आकार और दैवी अस्त्र-शस्त्रों का टकराना, रावण के पेट में उतरते बाण, जैसे अनगिनत प्रसंग देखे जा सकेंगे। जी,हां नगर की सबसे पुरानी ऐशबाग की रामलीला समय के साथ-साथ और हाइटेक हो गई है।
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हवा में उड़ेगा रथ और मैदान में ही उतर आएगी नदी
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इस बार शहरवासी कई प्रसंग का डिजीटल संस्करण देख सकेंगे। श्रीरामलीला समिति ऐशबाग की प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने आयोजन के बारे में जानकारी दी। इस बार रामलीला में गौ संकट का मुद्दा छाया रहेगा। मंच से गौ हत्या रोकने की अपील कलाकार करेंगे।
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हवा में उड़ेगा रथ और मैदान में ही उतर आएगी नदी
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सीता हरण के बाद रावण का रथ आकाश में उड़ेगा। इसके अलावा जटायु-रावण युद्ध भी आकाश में ही होगा। यही नहीं खास आकर्षणों में आकाशवाणी प्रसंग, माता कौशल्या को भगवान का विराट रूप, दशरथ परलोक गमन, अहिल्या उद्धार प्रसंग, सीता हरण केसमय लक्ष्मण रेखा का सजीव होना, हनुमान जी का समुद्र लांघना, संजीवनी लाना, रावण की मायावी शक्तियों, मेघनाद का अदृश्य होना, कुंभकर्ण का आकार बढ़ना समेत कई लीलाओं का डिजीटल मंचन दिखाया जाएगा।
हवा में उड़ेगा रथ और मैदान में ही उतर आएगी नदी
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शहर का सबसे विशालकाय 121 फीट का रावण का दहन 22 अक्तूबर को किया जाएगा। इसे प्रदेश में रावण का सबसे बड़ा पुतला होने का दावा किया जा रहा है। 60 से 80 फीट का मेघनाद का पुतला भी तैयार हो रहा है। आयोजकों ने बताया कि इस बार रावण वध में डिजिटल तरीके से 31 बाण दर्शकों को रावण केपेट में जाते दिखेंगे। आकाश में सिर भी उड़ता दिखेगा। आत्मा भी हवा में जाती दिखाई देगी।
लुप्त होते अवध के दर्जनों वाद्ययंत्रों से लैस भरत मिलाप शोभा यात्रा 23 अक्तूबर को निकलेगी। रथों की संख्या भी बढ़ाई गई है। मामूली फेरबदल के साथ तय रूट पर ही ऐशबाग रामलीला मैदान से शाम 6 बजे निकलेगी।