यूपी के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुलखान सिंह का कहना है कि हिंदू-मुस्लिम के बीच हुए झगड़े को कम्युनल कहना गलत होगा। एक ही मोहल्ले में हिंदू व मुस्लिम दोनों रहते हैं। ऐसे में उनके बीच होने वाला हर झगड़ा कम्युनल नहीं हो सकता है। इस तरह के विवाद को लोग कम्युनल रंग देने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है।(डीजीपी सुलखान सिंह के साथ लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार)
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लखनऊ में 19वीं व 21वीं रमजान का जुलूस बृहस्पतिवार व शनिवार को निकाला जाएगा। सुलखान सिंह ने जुलूस के सुरक्षा के इंतजाम का बुधवार को जायजा लिया। सबसे पहले एसएसपी कार्यालय पहुंचे और रूट चार्ट देखा। इसके बाद एडीजी जोन, आईजी रेंज और एसएसपी के साथ जुलूस के रूट का निरीक्षण किया। डीजीपी अपने मातहतों के साथ चौक से नक्खास होते हुए काजमैन पहुंचे और 15 मिनट तक रुके। काजमैन के आसपास के इलाकों में कुछ लोगों से बातचीत भी की।
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इसके बाद वह तालकटोरा स्थित कर्बला को रवाना हुए। यहां उन्होंने जुलूस के रूट की जानकारी ली। वहां मुख्य भवन से ताबूत दफन होने वाले स्थान का भी निरीक्षण किया। डीजीपी ने कर्बला में पर्याप्त फोर्स लगाने का निर्देश दिया।
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45 मिनट तक रूट चार्ट देख की चर्चा
डीजीपी ने सुबह साढ़े ग्यारह बजे डालीगंज स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उनसे पहले कार्यालय में एडीजी जोन अभय कुमार प्रसाद, आईजी रेंज जय नारायण सिंह मौजूद थे। एसएसपी कार्यालय में 45 मिनट अधिकारियों संग सुरक्षा के इंतजाम और रूट के बारे में चर्चा की।
इस दौरान एसएसपी दीपक कुमार ने सुरक्षा में कितनी फोर्स लगाई जाएगी, किस अधिकारी को क्या जिम्मेदारी दी गई है। कौन सा एरिया संवेदनशील है, कौन सा रूट अतिसंवेदनशील, इन सबकी जानकारी दी। डीजीपी ने एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी, एसपी ग्रामीण डॉ. सतीश कुमार सहित कई अधिकारियों से भी बातचीत की।