कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को लखनऊ में आस्था, अरदास और श्रद्धा की त्रिवेणी बही। घाटों से लेकर सड़कों और मंदिर से लेकर गुरुद्वारों तक सुबह से देर रात तक उल्लास छाया रहा। सुबह जहां घाटों पर श्रद्धालुओं ने कतकी नहान कर सूर्य देव को अर्घ्य दिया, वहीं गुरुद्वारों में गुरु पर्व की धूम रही। दीवान सजे, शबद गूंजे और गुरु को मत्था टेक कर लंगर चखा। वहीं, शाम को गोमा के घाटों पर देव दीपावली की अद्भुत छटा बिखरी।
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- फोटो : अमर उजाला
मनकामेश्वर घाट पर शाम को श्रद्धालुओं ने दो लाख से अधिक दीपों का दान कर गोमा आरती में हिस्सा लिया।
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उधर, कुडि़याघाट पर उड़िया समाज के लोगों ने बोइटा पर्व धूमधाम से मनाया। समाज के लोगों ने पूजा-अर्चना कर गोमा के जल में केले के पत्ते की नावें प्रवाहित कीं और समृद्धि की मंगलकामना की।
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देव दीपावली पर मनकामेश्वर घाट पर 2.21 लाख दीपों का दान किया गया। महंत देव्या गिरि की अगुवाई में मां गोमती की भव्य आरती की गई। गोमती आरती आचार्य श्यामलेश की अगुआई में 11 वेदियों से हुई।
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मिशन शक्ति के तहत 11 वेदियों पर महिलाओं और युवतियों ने आरती की। महादेव की वंदना कथक कलाकार पं. अनुज मिश्रा के निर्देशन में 12 कलाकारों ने शिव के विविध रूपों से की।
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मनकामेश्वर घाट
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देवताओं की दर्जन भर कृतियों के अलावा हजारों दीपों से तैयार भारत का नक्शा, भगवान गणेश की आकृति ने मोहा। भगवान शंकर-पार्वती की सुंदर पेंटिंग बच्चों ने घाट पर उकेरी।
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आरती और दीपदान से पहले झिलमिल रोशनी में नहाए घाट पर लोग सेल्फी क्लिक करने में जुटे रहे। आरती के दौरान नदी की दूसरी ओर से हुई आतिशबाजी ने भी समां बांधा।
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मनकामेश्वर घाट
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शहीद पथ स्थित श्री श्री राधारमण बिहारी इस्कॉन मंदिर में अध्यक्ष अपरिमेय श्यामदास की देखरेख में तुलसी शालीग्राम विवाहोत्सव का आयोजन हुआ।