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पुलवामा हमले के बाद बदला नजर आया महाकाल का रूप, अब दिख रहे हैं ऐसे, तस्वीरें

Tue, 19 Feb 2019 05:00 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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mahakal - फोटो : amar ujala
लखनऊ के राजेन्द्रनगर के महाकाल मंदिर में प्रत्येक सोमवार उज्जैन के महाकालेश्वर की तर्ज पर शृंगार होता आ रहा है, लेकिन इस बार पुलवामा में आतंकी हमले के कारण शहीदों की याद में महाकाल का शृंगार तिरंगे के रंग में हुआ। मंदिर से जुड़े अतुल मिश्रा ने महाकाल का शृंगार शहीदों की याद में किया है।
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- फोटो : amar ujala
वहीं, मंदिर की देखरेख करने वाले गिरीश चन्द्र सक्सेना ने बताया कि इस बार चार मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होने वाली भस्म आरती और महाआरती भी शहीदों की याद में होगी।
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- फोटो : amar ujala
आपको बता दें कि लखनऊ का एकमात्र महादेव मंदिर जहां बाबा की उज्जैन महाकाल की तर्ज पर भस्म आरती होती है। यही वजह है कि बहुत ही कम समय में बाबा की ख्याति दूर-दूर तक फैल गई। सावन मास में बाबा की दिव्य भस्म आरती देखने शहर ही नहीं बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों के भक्त जुटते हैं।

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- फोटो : amar ujala
राजेंद्रनगर स्थित महाकाल मंदिर की देखरेख करने वाले भक्त बताते हैं कि रुद्राभिषेक और भस्म आरती के लिए सारी सामग्री उज्जैन से मंगाई जाती है। उसी के अनुसार शृंगार किया जाता है। कहते हैं, इलाके के बुजुर्गों ने आपसी सहयोग से वर्ष 1960 में इस मंदिर की नींव रखी थी।
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- फोटो : amar ujala
मंदिर ने 2010 ने अपनी स्थापना की 50वीं सालगिरह धूमधाम से मनाई। भक्तों के प्रयास से यहां वर्ष 2002 से महाकाल उज्जैन की तर्ज पर भस्म आरती की शुरुआत हुई, जिसमें सैकड़ों भक्त जुटते हैं। पुलवामा हमले के बाद महाकाल का श्रृंगार तिरंगे के रंग में हुआ।
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