होली के बाद जब रविवार की रात लोग लखनऊ से वापस दूसरे शहरों के लिए जा रहे थे बस और रेलवे स्टेशन में नर्क जैसे हालात दिखे।
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होली वापसी पर ट्रेनों में नर्क जैसे हालात, तस्वीरें
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ट्रेन में भीड़ होगी यह सोचकर छोटी दूरी की यात्रा करने वाले लोग बस स्टेशनों की तरफ गए। बस स्टेशन पर उस रूट की उतनी बसें नहीं थीं जितने के उस समय यात्री। यात्रियों को फिर से रेलवे स्टेशन का रुख करना पड़ा।
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रेलवे स्टेशन के फुट ओवरब्रिज पर एक साथ चढ़ती सैकड़ों लोगों की भीड़ इस बात का आसानी से इशारा करती है कि ट्रेन के हालात क्या होने वाले हैं।
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फिर यही भीड़ स्टेशन पर भी नजर आई। ट्रेन कोई भी हो प्लेटफॉर्म का आलम यही रहता।
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दिल्ली और मुंबई की तरफ जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ दिखी।
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भीड़ का यह आलम यह था कि ट्रेन आने से पहले ट्रेन की सीट से दस गुना ज्यादा लोग प्लेटफार्म पर मंडरा रहे थे।
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भीड़ इतनी थी कि सिर्फ सिर ही सिर हर जगह नजर आ रहे थे।
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इतनी भीड़ ने रेलवे के अलग-अलग क्लास का अंतर भी खत्म कर दिया। जनरल, स्लीपर के साथ 3 एसी भी ऐसी ही भीड़ देखी गई।
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रेलवे द्वारा होली वापसी पर कुछ गाड़िया चलाने की व्यवस्था नाकाम साबित हुई।
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चूंकि लोगों को सोमवार से ऑफिस ज्वाइन करना था तो उन्होंने किसी भी सूरत में सफर करना ही सही समझा।
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लोगों को विंडों टिकट व्यवस्था से जितनी भी वेटिंग मिली उन्होंने ले ली।
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नो रूम की हालत होने तक लोग टिकट लेते गए। इसी वजह से स्लीपर श्रेणी के डिब्बे जनलर कोच की तरह नजर आए।
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इन दृश्यों को देखकर वे लोग अपने को जरूर खुशनसीब मानेंगे जो शनिवार की शाम को चले गए।