वारदात के बाद घटनास्थल पर यूपी डीजीपी
- फोटो : amar ujala
बारिश थमने के साथ शनिवार दोपहर हजरतगंज इलाके में राजभवन के सामने सड़क पर यातायात बढ़ गया था। हाई सिक्योरिटी जोन में विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात थे। इस बीच बेखौफ लुटेरे ने प्रदेश के कानून मंत्री के बंगले के बाहर सर्विस लेन पर खड़ी कैश वैन में बैठे गनमैन इंद्रमोहन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने के साथ नोटों से भरे दो बैग लूटे और पिस्तौल हवा में लहराते हुए पैदल भागने लगा। मुख्यमार्ग पर कस्टोडियन उमेश वर्मा से भिड़ंत हुई तो उन पर बेहिचक गोलियां दागीं। फिर दूसरा असलहा निकाला और चालक पर भी फायर करके फरार हो गया। व्यस्त मार्ग पर जा रहे लोग कुछ देर ठहरे और फिर अपनी राह पकड़ ली। दो महिलाओं ने आंखों देखा नजारा पुलिस अफसरों के आगे बयां किया। इनमें एक ने कहा कि उसने कुछ दूर स्थित बूथ पर मौजूद पुलिसकर्मी को जानकारी दी, लेकिन उसने ड्यूटी खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया था।
चश्मदीद गीता देवी व अंशुल गुप्ता।
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दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात देखकर बुरी तरह घबराई सिद्धार्थनगर निवासी गीता देवी अपने दो मासूम बच्चों के साथ फुटपाथ पर बैठी शोर मचा रही थी। मौके पर पहुंचे पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी के आगे आंखों देखा नजारा बया किया। बोली कि आगे-पीछे के दोनों चौराहों पर पुलिस है। राजभवन की चारदीवारी पर बने सभी बुर्ज पर पुलिसकर्मी बंदूक थामे खड़े है। मंत्री जी के बंगले के बाहर भी पुलिसकर्मी थे और बदमाश ताबड़तोड़ गोलियां चलाने के साथ रुपये लूटकर भाग निकला।
बदमाश को गोली चलाता देख पहुंची पुलिस बूथ: चश्मदीद अंशुल गुप्ता
एक निजी चैनल से जुड़ी अंशुल गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी कि वह अपने बच्चे को लेकर राजभवन मार्ग पर जा रही थीं। बदमाश को सड़क पर गोली चलाते देखा तो गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर पुलिस बूथ पर गईं। वहां मौजूद पुलिसकर्मी को वाकया बताया, लेकिन उसने ड्यूटी खत्म हो जाने की बात कही। इस पर वह शोर मचाते हुए मौके पर लौटीं। कुछ देर बाद पुलिस आई। इस बीच बदमाश वारदात अंजाम देकर फरार हो चुका था।
सनसनीखेज वारदात के तीसरे चश्मदीद चालक रामसेवक ने अपने पेट पर दाहिनी तरफ छर्रे का निशान दिखाते हुए बयान दिया कि वह गनमैन इंद्रमोहन के साथ गाड़ी में बैठा था। इस दौरान बदमाश ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई। वह गाड़ी से कूदकर भागा। बदमाश ने उसके पेट पर भी गोली मार दी और नोटों से भरे दो बैग लूटकर भागने लगा। रास्ते में कस्टोडियन से भिड़ंत हुई तो उनके पैर में गोली मार दी, लेकिन उन्होंने एक बैग छीन लिया था। रामसेवक के पेट पर सिर्फ एक छर्रे की चोट पुलिस को खटक रही थी। प्राथमिक उपचार कराने के साथ उसे हजरतगंज कोतवाली लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
सनसनीखेज वारदात की खबर पर पहुंचे पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज के साथ चश्मदीदों से बदमाश का हुलिया मालूम करके स्केच जारी करने के आदेश दिए। कुछ देर बाद पुलिस ने स्केच तैयार कराने के साथ पुलिस रिकार्ड में उपलब्ध लुटेरों के फोटो से मिलान कराया तो सीतापुर के मछरेहटा थाने के हिस्ट्रीशीटर सतीश मिश्रा से उसका चेहरा मेल खा रहा था।
पता चला कि कई संगीन वारदातों का आरोपी सतीश जेल से भी फरार हो चुका है। पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने सतीश को संदेह के घेरे में लेते हुए सीतापुर पुलिस को उसकी तलाश के आदेश दिए। इसके साथ दुस्साहसिक वारदात अंजाम देने में पहले पकड़े जा चुके अन्य बदमाशों के बारे में छानबीन कराई जा रही है।
लुटेरा नीले रंग की जींस और छींटदार शर्ट पहने था। कैश वैन के ड्राइवर रामसेवक का कहना है कि लुटेरा चेहरे पर अंगौछा बांधे था, इसलिए वह उसका चेहरा नहीं देख सका। प्रत्यक्षदर्शी और घायलों में से कोई भी लुटेरे की कद-काठी नहीं देख सका।