ग्यारह साल की मासूम को टॉफी का लालच देकर 84 साल का बुजुर्ग रोज उससे दुष्कर्म करता रहा।
मामला सात मार्च 2017 का है। शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि रायपुर थाने में एक परिवार ने 84 साल के नूरहसन के खिलाफ दुराचार का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि स्कूल जाते वक्त नूरहसन बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करता था। एक दिन मौका पाकर वह बच्ची को अपनी परचून की दुकान पर ले गया और उसके साथ दुराचार किया।
इस बात का खुलासा बच्ची की शिक्षिका की एक शिकायत से हुआ। शिक्षिका ने परिजनों से शिकायत की थी कि बच्ची रोज पैसे लेकर स्कूल आती है। ऐसे में उसे पैसे लेकर स्कूल न आने दिया जाए। इस पर जब परिजनों ने बच्ची से बात की तो उसने बताया कि नूरहसन उसको यह पैसे देता है। बच्ची ने बताया कि नूरहसन ने एक दिन उसके साथ गलत हरकत की थी और यह बात किसी को न बताने के लिए वह कभी टॉफी तो कभी पैसे देता है।
child rape
ग्यारह साल की मासूम के साथ दुराचार के मामले में न्यायालय ने 85 साल के बुजुर्ग को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। स्पेशल जज पोक्सो रमा पांडे की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है, जिसमें से 30 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को अदा करने के आदेश दिए हैं। अर्थदंड न देने पर दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और नूरहसन को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में अभियोजन की ओर से 10 गवाह प्रस्तुत किए गए। जबकि, बचाव पक्ष इसे लेनदेन का मामला बताकर आरोपों को निराधार बताता रहा। बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए न्यायालय ने सोमवार को सजा का एलान कर दिया।