यूपी के अमेठी जिले के बाजारशुक्ल थाने के महोना गांव में मंगलवार रात एक ही परिवार के 11 लोगों की हत्या कर दी गई। सात लड़कियों व तीन महिलाओं का गला रेता गया जबकि परिवार के मुखिया का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। बुधवार सुबह घटना की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया।
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अस्पताल में भर्ती जमालुद्दीन की पत्नी जाहिदा व पहली पत्नी की पुत्री अफसरा बानो ने अधिकारियों को बताया कि रात में घर आने पर जमालुद्दीन ने कोई दवा देते हुए लड़कियों समेत सभी महिलाओं को उसे पिलाने को कहा था। उसका कहना था कि इसे पीने से महिलाओं को तमाम तरह की बीमारियों से निजात मिल जाती है। (जमालुद्दीन की पत्नी जमस्सुनबानों से घटना की जानकारी लेते पुलिस अधीक्षक।)
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चूंकि उसने सिर्फ महिलाओं को ही दवा पिलाने को कहा था इसलिए उसने बेटे असब (6) व भतीजे रहमान (7) को घर में होने के बावजूद दवा नहीं पिलाई। दवा पीने के बाद सभी बेहोश हो गए। सुबह उठने पर उन्होंने 11 शव देखे।
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घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शवों को घर के सामने रखकर घंटों प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने मीडिया कर्मियों पर भी हमला कर दिया और एक वाहन को आग लगा दी। पुलिस जहां मुखिया द्वारा पूरे परिवार की हत्या करके फांसी पर लटकने की बात कह रही है वहीं ग्रामीण इस हत्याकांड के पीछे गहरी साजिश मान रहे हैं।
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बाजार शुकुल थाने के महोना कस्बा निवासी जमालुद्दीन (45) कस्बे में ही बैट्री व गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान करता था। कस्बे से चंद फासले पर वह परिवार के साथ रहता था। बुधवार रात घर पहुंच उसने घर वालों को एक दवा पीने को दी। कहा, इससे महिलाओं की सभी बीमारियां दूर हो जाती हैं।(जमालुद्दीन का बचा हुआ परिवार।)
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दवा पीने के बाद परिवार के लोग सो गए। बुधवार सुबह जमालुद्दीन की पत्नी जाहिदा व पुत्री अफसरा बानो अर्ध बेहोशी की हालत में घर से बाहर निकलीं। दोनों की हालत देख ग्रामीण घर के अंदर दाखिल हुए तो सन्न रह गए। (जमालुद्दीन की पुत्री से पूछताछ करते आईजी जोन, कमिश्नर और डीआईजी।)
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फर्श पर जमालुद्दीन की पुत्री आफरीन (18), मरियम (11), सानिया (8), उजमा (5), जमालुद्दीन के भाई शमसुद्दीन की पत्नी हुस्ना बानो (35), शमसुद्दीन की पुत्री रुबीना (17) व तहसीन बानो (8) के अलावा जमालुद्दीन के भाई रईस की पत्नी तबस्सुम (30) के साथ रईस की पुत्रियों महक (7) और निगार फातिमा (6) के शव पड़े थे। सभी का गला धारदार हथियार से रेता गया था। जमालुद्दीन का शव भी फांसी के फंदे पर लटकता मिला। (जमालुद्दीन फाइल फोटो।)
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मौके पर जमालुद्दीन का पुत्र असब (6) व रईस का पुत्र अब्दुल रहमान (7) जीवित मिले। लोगों ने इसकी सूचना दुकान पर सो रहे जमालुद्दीन के 12 वर्षीय पुत्र अमन व 16 वर्षीय भतीजे कमरुददीन पुत्र समशुद्दीन के साथ पुलिस प्रशासन को दी। ग्रामीणों ने जाहिदा और अफसरा बानो को सीएचसी जगदीशपुर में भर्ती कराया। (घटना के बाद उमड़ी ग्रामीणों की भीड़।)
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ग्रामीणों का कहना था कि किसी ने साजिश के तहत पूरे परिवार की हत्या करने के बाद कहानी गढ़ने के लिए जमालुद्दीन को फांसी के फंदे पर लटका दिया।