डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह बेटियों के नाम रहा। विभिन्न कोर्स के कुल 62 टॉपर्स में से 48 मेडल पर छात्राओं ने कब्जा जमाया।
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62 में 48 मेडल छात्राओं के, राज्यपाल खुश हुए
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मेडल के लिए लगातार बेटियों को नाम बुलाए जाने पर आखिरकार कार्यक्रम में कुलाधिपति राज्यपाल राम नाईक भी खुद को यह कहने से न रोक पाए कि अगर ऐसे ही छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करती रहीं तो एक दिन छात्रों को आरक्षण की जरूरत पड़ सकती है।
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समारोह में इसरो के अध्यक्ष एएस किरन कुमार को डीएससी की मानद उपाधि दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत शैक्षिक यात्रा से हुई। यह पहला मौका था जब विवि ने स्वायत्तशासी संस्थानों को भी मेडल दिए।
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इनमें लखनऊ का इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कानपुर का हारकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, झांसी का बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुल्तानपुर का कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और गोरखपुर से मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
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दीक्षांत समारोह की शुरुआत कुलाधिपति राज्यपाल राम नाईक ने घोषणा करके की। इस अवसर पर विवि से संबद्घ सूबे के 636 इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों के 64,442 छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रम की डिग्री दी गई।
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इनमें 34 पीएचडी डिग्री धारक भी शामिल रहे। डिग्री पाने वालों में सर्वाधिक 48,365 छात्र-छात्राएं बीटेक पाठ्यक्रम के थे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में लगभग 1100 छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मेधावियों को संदेश दिया कि जहां विज्ञान व तकनीक जीवन को सरल बनाते हैं वहीं इनका गलत प्रयोग विध्वंसकारी भी है। इसलिए हमें यह ध्यान रखना होगा कि इनका सही प्रयोग हो। उन्होंने छात्र-छात्राओं को चरित्रवान बनने की सीख दी।
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राज्यपाल राम नाईक ने दीक्षांत के बदले हुए पहनावे पर खुशी जताई। यह पहला मौका था जब दीक्षांत में गाउन की जगह भारतीय परिधान का इस्तेमाल हुआ।
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इसमें छात्र-छात्राओं के गले में सिल्क का एक पट्टा था जिस पर विवि का नाम और ऐतिहासिक इमारतों की तस्वीरें बनी थीं। वहीं मंच पर बैठे अतिथियों ने अंगवस्त्र के साथ साफा पहना।
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इसरो के अध्यक्ष एएस किरन कुमार ने कहा कि विज्ञान व तकनीकी के सभी इनोवेशन की प्रेरणा प्रकृति से मिलती है। हमें विकास के नाम पर प्रकृति से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
वहीं कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विवि की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री फरीद महफूज किदवई, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मुकुल सिंघल, कुलसचिव केके चौधरी भी उपस्थित रहे।