शिक्षक बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कम्प्यूटर अनुदेशकों के सब्र का बांध टूट गया, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री ऑफिस का घेराव किया। इससे अफसरों में हड़कंप मच गया।
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कम्प्यूटर अनुदेशक पिछले सात दिन से अपनी मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर धरना दे रहे थे।
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सोमवार को उन्होंने एनेक्सी भवन का घेराव कर उसके गेट पर ही धरना दे दिया। सैंकड़ों की संख्या में मौजूद अनुदेशकों के एनेक्सी पहुंचने से अफसरों में हड़कंप मच गया।
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सूचना मिलने पर कुछ ही देर में एडीएम ने मौके पर पहुंचकर उनका मांग पत्र लिया और तीन दिन में शासन से बातचीत कराने का आश्वासन दियाजिसके बाद ह अनुदेशक वापस लौटे।
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कम्प्यूटर अनुदेशक 22 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर धरना दे रहे हैं। लेकिन कोई भी अधिकारी इनकी बात सुनने को तैयार नहीं।
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इनकी मांग है कि कम्प्यूटर अनुदेशकों को संविदा पर रखकर निश्चित मानदेय देने के साथ पद सृजित कर पूर्ण कम्प्यूटर शिक्षक बनाया जाए।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक कम्प्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष साजदा पवार ने बताया कि प्रदेश के राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 4000 कम्प्यूटर अनुदेशक कार्यरत थे जिनकी सेवाएं दो साल पहले समाप्त कर दी गई।
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इससे यह लोग भुखमरी की कगार पर हैं। माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर विषय की मान्यता 2002 में दी जा चुकी है।
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अनुदेशकों के हटने से विद्यालयों में न सिर्फ कम्प्यूटर धूल खा रहे हैं बल्कि छात्रों का भी नुकसान हो रहा है। सितंबर 2015 में शासन की ओर से उन्हें मांगें पूरी करने का आश्वासन तो मिला लेकिन वह पूरी नहीं हुई।