देश के 18 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के एलएलबी और एलएलएम में दाखिले के लिए आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) का रिजल्ट सोमवार रात को जारी तो हुआ लेकिन वेबसाइट क्रैश होने की वजह से अभ्यर्थी देर रात तक परिणाम जानने के लिए जूझते रहे। एलएलबी में लखनऊ के सुमित चैटर्जी ने देश भर में 14वीं और यूसुफ तारीक ने 23वीं रैंक हासिल की है।
विज्ञापन
2 of 3
विधि में कॅरियर संवारने की शुरू से थी ललक
सुमित चैटर्जी का झुकाव शुरुआत से ही लॉ की पढ़ाई पर था। उन्होंने मोन्टफोर्ट से इंटर किया है। उन्होंने क्लैट में 145 अंक हासिल कर 14वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता डॉ. एसके चटोपाध्याय सीमैप में साइंटिस्ट हैं। सुमित को पहले ही प्रयास में देश की सर्वोत्तम युनिवर्सिटी एनएलएसयूआई, बेंगलूरू में दाखिला मिलना पक्का हो गया है। उन्होंने अंग्रेजी, जीके पर पकड़ बनाने के साथ ऑनलाइन मॉक टेस्ट से प्रैक्टिस की।
टिप्स : सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। रेगुलर हार्ड वर्क और प्रैक्टिस ही सफल बना सकता है। वो इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ में अपना कॅरियर संवारना चाहते हैं।
अपनी गलतियों को दुरुस्त कर पाई सफलता
यूं तो यूसुफ तारीक के पिता तारीक खान बिजनेसमैन हैं लेकिन यूसुफ लॉ में अपना कॅरियर बनाना चाहते थे। उन्होंने 141 अंकों के साथ देश में 23वीं रैंक हासिल की है। तारिक को उम्मीद है कि उन्हें एनएलएसयूआई में दाखिला मिल जाएगा। उनके भाई वहां पर तृतीय वर्ष में हैं। भाई से भी उन्हें विधि के क्षेत्र में जाने की प्रेरणा मिली। तारीक ने बताया कि उनकी सफलता में शिक्षकों का काफी योगदान रहा। उनकी नोट्स की बदौलत जीके और अंग्रेजी में पकड़ बनाई। उनकी सहायता से खुद का आकलन किया और अपनी गलतियों को सुधारा। ऑनलाइन मॉक टेस्ट काफी दिए। वे फिलहाल कॉरपरेट सेक्टर में जाना चाहते हैं लेकिन जूडिशियरी के लिए भी उन्होंने ऑप्शन खुला रखा हुआ है।
टिप्स : रोजाना कई घंटे पढ़ाई के साथ रिविजन और काफी प्रैक्टिस ही काम आएगा।