लखनऊ में पूर्वांचल के महापर्व चार दिवसीय डाला छठ की शुरुआत बृहस्पतिवार को नहाय-खाय के साथ हुई। दिन भर चली तैयारियों के बाद घरों में व्रती महिलाओं ने स्नान-पूजन के बाद सादा भोजन किया। सादी चने की दाल, लौकी की सब्जी और रोटी खाने के साथ ही व्रतियों ने घरों में बिस्तर त्यागा। घाटों पर तैयारियों के अलावा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मईया की आराधना की। गोमतीनगर में कविता चौबे, गायिका रंजना मिश्रा समेत तमाम महिलाओं ने सामूहिक रूप से व्रत के पहले दिन की नहाय खाय की परंपरा पूरी की। व्रत वाले घरों में अब शुक्रवार को छोटी छठ (खरना) मनाई जाएगी। महिलाएं रात को साठी के चावल, गुड़ और गाय के दूध की खीर खाने के साथ ही दो दिन लंबे निर्जला व्रत की शुरुआत करेंगी। नहाय-खाय के साथ ही बाजारों में भी लोग व्रत में काम आने वाले सामान खरीदने पहुंचे।
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छठ महापर्व
- फोटो : अमर उजाला
डंडइया, निशातगंज, डालीगंज में छठ पूजा के सबसे अहम बांस-सींक के सूप, डाला, मौसमी फलों समेत पूजा के सामान खरीदे। उधर, लक्ष्मण मेला घाट पर भोजपुरी कलाकारों ने प्रस्तुतियों की शाम सजाई। गायक अवधेश बालेश्वर ने डॉ. अंजू भारती, रीतिका उपाध्याय, अनुमेहा गुप्ता, पवन यादव, संतोष के साथ गवनई की। डॉ. अंजू भारती ने ऐ छठ मईया आइल दुअरिया सजायब री..., महिमा अगम अपार बा रे छठी मइया... और उग हो सूरज देव अरघ की बेरिया... समेत कई गीत सुनाए।
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आज खरना, पहला अर्घ्य कल
व्रती महिलाएं शुक्रवार शाम को खरना कर छोटी छठ मनाएगी। इस दिन अधिकतर घरों में गन्ने के रस में बने चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनेगी। शनिवार की शाम को डाला छठ का पहला अर्घ्य गोमती किनारे घाटों से दिया जाएगा। घरों में व्रती महिलाएं दिन में छठ प्रसाद बनाएंगी। अगले दिन रविवार को व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी।
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घाटों पर सुशुभिता बनाने पहुंचे लोग, जगह को लेकर रही दौड़भाग
छठ पूजा को लेकर घाटों पर दिनभर तैयारियां चलती रही। नगर निगम प्रशासन की ओर से लक्ष्मण मेला घाट पर सफाई व्यवस्था होती रही तो श्रद्धालु भी अपने स्तर से इंतजाम में लगे रहे। वहीं, झूलेलाल घाट पर कच्ची जमीन पर सुशुभिताओं के बनाये जाने का काम जोरों पर रहा। विकासनगर से आनंदी अवस्थी-प्रिया ने माता के लिये लक्ष्मण मेला घाट पर सुशुभिता बनाई। झूलेलाल घाट पर अलीगंज से आई नंदनी के परिवारीजनों ने भी सुशुभिता तैयार की। घाटों पर 151 से 1200 रुपये में अपने नाम की छोटी बड़ी सुशुभिताएं तैयार करवाई। इनके अलावा पूजन मनकामेश्वर उपवन घाट, संझिया घाट, पक्का पुल, कुड़ियाघाट, फैजुल्लागंज घाट पर भी होंगे।
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इन घाटों पर भी होगी पूजा
निशातगंज बंधा रोड पर दो वर्षों के बाद पंचमुखी हनुमान मंदिर घाट पर भी छठ पूजा होगी। इसके लिए पूर्व पार्षद प्रमोदी सिंह की अगुवाई में घाट की सफाई की। नगर के शिव मंदिर घाट, कृष्णानगर के मानसनगर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर (नई पानी की टंकी पार्क) में छठ पूजा होगी। मवैया रेलवे कॉलोनी, पीएसी महानगर 35वीं बटालियन के अंदर बने तालाब के किनारे पूजन होने की तैयारी है। वीआइपी रोड बड़ी नहर व छोटी नहर के पास भी पूजन होंगे।
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घाटों पर लोगों ने बनाईं सुशुभिताएं
छठ पूजा को लेकर घाटों पर दिनभर तैयारियां चलती रही। नगर निगम प्रशासन की ओर से लक्ष्मण मेला घाट पर सफाई व्यवस्था होती रही तो श्रद्धालु भी अपने स्तर से इंतजाम में लगे रहे। वहीं, झूलेलाल घाट पर कच्ची जमीन पर सुशुभिताओं के बनाये जाने का काम जोरों पर रहा। विकासनगर से आनंदी अवस्थी-प्रिया ने माता के लिये लक्ष्मण मेला घाट पर सुशुभिता बनाई। झूलेलाल घाट पर अलीगंज से आई नंदनी के परिवारीजनों ने भी सुशुभिता तैयार की। घाटों पर 151 से 1200 रुपये में अपने नाम की छोटी बड़ी सुशुभिताएं तैयार करवाई। इनके अलावा पूजन मनकामेश्वर उपवन घाट, संझिया घाट, पक्का पुल, कुड़ियाघाट, फैजुल्लागंज घाट पर भी होंगे।
घाटों पर अब भी अव्यवस्थाएं
- लक्ष्मण मेला घाट की सीढ़ियां भले ही साफ की गई हों, लेकिन पानी के भीतर की सीढ़ियों पर जबरदस्त काई जमी है। बृहस्पतिवार सुबह सफाई के दौरान सफाईकर्मी भी कई बार फिसले। इसके अलावा पानी में कीट मकौड़े भी लोगों को दिखे।
- झूलेलाल घाट नावों के चलते पूरी तरह से साफ नहीं हो सका है। घाट की पहली कतार पूरी तरह से पानी भी भीग चुकी हैं, उन पर्र इंट पत्थर के साथ काई का जबरदस्त कब्जा है। श्रद्धालुओं के बीच चर्चा रही कि यहां भी पानी में उतर कर अर्घ्य देने पर दिक्कतें आएंगी।
- कुड़ियाघाट के किनारे सैकड़ों की संख्या में हर घाट से अर्घ्य होते हैं, लेकिन इस बार सफाई न हो पाने के चलते घाटों के किनारे जलकुंभी जमी हुई है। गोमा सेवक ऋद्धिकिशोर गौड़ ने बताया कि कई बार अधिकारियों जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई। देर शाम नगर निगम के कुछ सफाईकर्मी यहां पहुंचे।