यूपी में परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं का हाल देखकर आप जरूर चौंक जाएंगे। परीक्षा में जमकर नकल हुई। साथ ही परीक्षा से पहले स्कूल में छात्राओं से झाडू भी लगवाई गई।
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परीक्षा में ऐसी नकल आपने पहले कभी नहीं देखी होगी
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बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश अनुसार परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होनी थी। इसके बावजूद सुबह 10 बजकर पांच मिनट तक विद्यालय में केवल कुछ बच्चे ही आए थे। एक भी शिक्षक का पता नहीं था।
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कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुसाहबगंज परीक्षा के लिए किसी प्रकार का बजट जारी नहीं हुआ है। ऐसे में कागज पर एक प्रश्नपत्र तैयार किया गया। इस प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी कराने की जिम्मेदारी बच्चों पर ही थी।
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सामुदायिक केंद्र में चलने वाले इस स्कूल में 207 बच्चे पंजीकृत हैं। बुधवार को परीक्षा के बावजूद मौके पर केवल 137 बच्चे ही उपस्थित थे। विद्यालय में कक्षा पांच के बच्चे सबसे भाग्यशाली थे जिन्हें फोटोकॉपी कराया हुआ प्रश्नपत्र और कॉपियां दोनों दी गई थीं।
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परिषदीय परीक्षाओं के आयोजन के पहले दिन अव्यवस्थाओं की रेल यहीं नहीं थमी बल्कि बहुत से बच्चे तो जब बुधवार को परीक्षा देने स्कूल आए तो वे घर से ही कॉपियों पर प्रश्नपत्र हल करके पहुंचे। कई स्कूलों में तो ब्लैक बोर्ड पर ही प्रश्नपत्र लिखकर बच्चों को उतारने के लिए कहा गया।
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यही नहीं परीक्षा में भी छात्र-छात्राएं एक दूसरे से बिलकुल सटकर बैठे थे। नकल होने पर तो कोई लगाम नहीं लगाया गया था। देखिए ये नजारा...
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इस तरह की परीक्षा का कोई मतलब नहीं समझ आता। जब परीक्षा ऐसे हो रही है तो इसका मूल्यांकन किस तरह होता होगा इस बात का अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं।
परीक्षा में ऐसी नकल आपने पहले कभी नहीं देखी होगी
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दूसरी छात्रा की कॉपी में पूरी तरह से झांक रही है छात्रा। मगर परीक्षा नियंत्रक जाने कहां चले गए हैं कमरा छोड़कर।
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यहां भी देखिए। अपनी कॉपी से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने दूसरे की कॉपी में झांका। मगर इस पर किसी की भी नजर नहीं पड़ी।
सिर्फ तांका- झांकी ही नहीं हुई बल्कि स्टूडेंट्स अपनी सीट से उठकर भी दूसरे की कॉपी में से उत्तर देख रहे थे। अगर परीक्षा नियंत्रक सामने होते तो क्या वो ये सब नहीं देख पाते।