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बुधवार को इनके दर्शन से होते हैं सारे कष्ट दूर, करें दर्शन

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लखनऊ शहर के सबसे प्राचीन शिवालयों में से एक बुद्धेश्वर महादेव मंदिर की बात ही निराली है। इस मंदिर से बेहद रोचक मान्यता जुड़ी है। आप भी करें दर्शन...

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यहां एक पुकार में प्रकट हुए थे शिव जी, आप भी कर लें दर्शन

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लखनऊ के मोहन रोड के किनारे हरियाली से आच्छादित एकदम शांत माहौल में बाबा विराजते हैं। बाबा के बुधवार को दर्शन करने की विशेष मान्यता है। सावन के हर बुधवार को यहां मेला लगता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
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आज बुद्धवार के दिन बुद्धेश्वर मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ जुटने लगी। इस बीच मंदिर में सुरक्षा के भी इंतजाम रहे।

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मंदिरों में शंकरजी के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने भगवान को खुश करने के लिए दूध से अभिषेक किया।
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भीड़भाड़ के चलते कुछ लोगों ने दूध शिवजी पर चढ़ाया तो कुछ वहां तक पहुंचने में नाकामयाब रहे।
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भीड़ को काबू में करने के लिए मंदिर प्रांगण के भीतर महिला पुलिस भी मौजूद रही और भीड़ को काबू किया।
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मंदिर की मान्यता के बारे में भक्त बताते हैं कि त्रेतायुग में जब माता सीता को लक्ष्मण जंगलों में छोड़ने जा रहे थे तो इसी रास्ते से गुजरे थे। उस दौरान लक्ष्मणजी बेहद भावुक हो गए थे और विचलित मन से उन्होंने शिवशंकर को याद किया।

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सौभाग्य से वह दिन बुधवार था। उसी वाकये से मंदिर की मान्यता जुड़ी है। मान्यता है कि चार से पांच बुधवारों को बाबा का रुद्राभिषेक करने से मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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यहां प्रचलित सीता कुंड उसी इतिहास का साक्षी है। एक अन्य घटनाक्रम भी भक्त बताते हैं कि भगवान भोले भस्मासुर से बचकर यहां-वहां विचरण कर रहे थे तब यहां से गुजरे थे। उस दिन भी बुधवार था, जिसके चलते इनका नाम बुद्धेश्वर महादेव पड़ा।
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