फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन्हें अंबेडकर से नहीं 'फोटू' और फव्वारों से मतलब है!

विज्ञापन
1 of 7
मंगलवार को लखनऊ में अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई गई। वैसे तो सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा ये कार्यक्रम किए गए लेकिन सबसे ज्यादा हलचल बसपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रही।
विज्ञापन

इन्हें अंबेडकर से नहीं 'फोटू' और फव्‍वारों से मतलब है!

2 of 7
अंबेडकर जयंती के अवसर पर बसपा सुप्रीमों द्वारा गोमती नगर स्थित परिवर्तन स्‍थल में एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में प्रदेश भर से बसपा और अंबेडकर के सिद्घातों पर यकीं रखने वाले लोग एकत्रित हुए।

विज्ञापन

इन्हें अंबेडकर से नहीं 'फोटू' और फव्‍वारों से मतलब है!

3 of 7
लेकिन बहुतों के लिए यह रैली लखनऊ की एक तफरीह जैसे ही रही। परिवर्तन स्‍थल के इर्द-गिर्द के मॉल इन लोगों से गुलजार नजर आए। शोरूम से लेकर सिनेमा हॉल तक अंबेडकर जयंती का असर देखा गया।

इन्हें अंबेडकर से नहीं 'फोटू' और फव्‍वारों से मतलब है!

4 of 7
परिवर्तन स्‍थल पहुंचे लोग भी इस दिन को खास बनाने में मशगूल दिखे। कुछ को इस बड़े कैंपस में तफरीह करना रास आ रहा तो कुछ सेल्फी लेते देखे गए।
विज्ञापन

इन्हें अंबेडकर से नहीं 'फोटू' और फव्‍वारों से मतलब है!

5 of 7
इस भव्य पार्क की खूबसूरती और इसकी बनावट देखकर हर कोई हतप्रभ था। मायावती और अंबेडकर की आदमकद मूर्तियां लोगों को उनके मोबाइल से तस्वीर लेने के लिए प्रेरित कर रहीं थीं।

विज्ञापन

इन्हें अंबेडकर से नहीं 'फोटू' और फव्‍वारों से मतलब है!

6 of 7
अच्छा मौसम और तीखी धूप का न होना उनके लिए सोने पर सुहागा का काम कर रहा था। फव्‍वारे से निकल रहीं ठंडे पानी की बौछारें लोगों को आनंदित करने के लिए काफी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन्हें अंबेडकर से नहीं 'फोटू' और फव्‍वारों से मतलब है!

7 of 7
इस कार्यक्रम में मायावती ने लंबे समय के बाद अपने तेखर भी दिखाए। मायावती ने लोगों से कहा कि वे यहां से यह संकल्प लेकर जाएं कि वह सपा सरकार को आने वाले चुनाव में उखाड़ फेंके।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें