यूपी विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल के नतीजों से सशंकित मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गठबंधन या किसी अन्य दल को पूर्ण बहुमत न मिलने की स्थिति में बसपा से गठजोड़ करने के संकेत दिए हैं। इससे अखिलेश के उन भाषणों का याद आ जाना स्वाभाविक है जब वो हर सभा में हर इंटरव्यू में बसपा सुप्रीमो मायावती को भाजपा नेता लालजी टंडन को राखी बांधने के लिए घेरा करते थे।
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- फोटो : reuters
अखिलेश ने चुनाव प्रचार के दौरान लगभग हर जनसभा में अपने भाषण में दोहराई और बसपा को हाथी वाली पार्टी कहकर खिल्ली उड़ाते रहे। अखिलेश ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वे नहीं चाहते कि यूपी में राष्ट्रपति शासन की स्थिति आए और भाजपा रिमोट कंट्रोल से यहां का शासन चलाए। गौरतलब है कि एक-दो एग्जिट पोल को छोड़ दिया जाए तो यूपी में किसी को भी बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है।
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बीबीसी से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि उन्हें सपा को बहुमत मिलने का पूरा भरोसा है। जब उनसे बार-बार पूछा गया कि यदि बहुमत नहीं मिला तो क्या वे बसपा से गठजोड़ कर लेंगे, उन्होंने सीधा जवाब दिए बिना कहा कि हम राष्ट्रपति शासन नहीं चाहेंगे। कोई भी दोबारा चुनाव नहीं चाहता है।
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अखिलेश ने कांग्रेस से गठबंधन पर कहा कि राहुल गांधी और वे एक जैसी सोच वाले हैं। प्रदेश का विकास चाहते हैं। अखिलेश ने कहा, मैं राहुल गांधी को पहले से ही जानता हूं। हमने एक संदेश दिया कि जो धर्मनिरपेक्ष सरकार चाहते हैं, जो विकास के लिए सरकार चाहते हैं वो साथ आएं। इसलिए कांग्रेस का साथ दिया। मैं कंजूस के साथ दोस्ती नहीं करता।
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सांप्रदायिक शक्तियों को रोकने के नाम पर बसपा भी बढ़ सकती है आगे
खंडित जानदेश की स्थिति में बसपा भी सांप्रदायिक शक्तियों को रोकने के नाम पर सपा की ओर कदम बढ़ा सकती है। बसपा के दूसरी कतार के नेताओं की ओर से इस तरह के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि वे पार्टी सुप्रीमो के रुख के बाद ही इसे सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करने की बात कर रहे हैं।
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बसपा के एक जिम्मेदार नेता का कहना है कि अगर नतीजे त्रिशंकु स्थिति वाले आते हैं तो राष्ट्रपति शासन से बचने और सांप्रदायिक शक्तियों को रोकने के लक्ष्य को ध्यान में रखना होगा। भविष्य की राजनीति के मद्देनजर भी ऐसा करना सभी के लिए जरूरी होगा। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय बसपा सुप्रीमो मायावती को ही करना है।
केशव बोले- सीएम ने तो मतगणना से पहले ही मान ली हार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा को समर्थन देने की बात कर मतगणना से पहले ही हार स्वीकार कर ली है। सपा-कांग्रेस पहले से ही बसपा के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। लेकिन ऐसी नौबत नहीं आएगी, 11 मार्च को सुबह 11 बजे भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बन जाएगी। हमने पहले भी कहा था कि सपा-कांग्रेस और बसपा मिलकर भी भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक सकेंगे।