प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में ही 19 जख्मों की पुष्टि हुई थी, ऐसे में उसे एडमिट करने के बजाए जेल क्यों भेज दिया गया और जेल प्रशासन ने इतनी चोट होने के बाद भी कोई आपत्ति क्यों नहीं की। दरअसल यह सारे सवाल एसआईटी ने भी उठाए थे, जिसके आधार पर पूरे मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने की सिफारिश कर दी गई थी। अब सीबीआई भी इन सवालों के जवाब तलाश रही है।