लख्ानऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में अमर उजाला फाउंडेशन और समृद्ध जीवन फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में भारी तादाद में लोग पहुंचे।
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यह रक्तदान करने के लिए उत्साह था या फिर किसी की जिंदगी बचाने की आत्मसंतुष्टि, शनिवार सुबह से ही अस्पताल में रक्तदान करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदाता पहुंचते रहे।
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रक्तदान करने के लिए उत्साह ही था कि मेडिकल टीम को समय से पहले ही रक्तदान शुरू कराना पड़ा। दोपहर बाद तक चले शिविर में 82 यूनिट रक्तदान हुआ।
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रक्तदान शिविर की शुरुआत सुबह 10 बजे से अस्पताल के ब्लड बैंक में होनी थी। रक्तदान करने के इच्छुक रक्तदाता सुबह नौ बजे ही ब्लड बैंक पहुंच गए।
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रक्तदाताओं के उत्साह को देखते हुए ब्लड बैंक की टीम पर भी दिखा। किसी मरीज के लिए मदद के लिए बढ़े कदम को देखते हुए समय से पहले ही रक्तदान शुरू करा दिया।
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रक्तदान करने का यह सिलसिला दोपहर बाद तक चला। इस दौरान कुल 95 लोगों ने रक्तदान करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।
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इनमें से 13 लोग रक्तदान करने के लिए इच्छुक होने के बाद किसी वजह से उचित नहीं पाए गए। इसकी वजह हाल ही में माइनर ऑपरेशन, बीपी का सामान्य नहीं होना, जल्दी में ही रक्तदान करना रहा।
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रक्तदान करने के लिए हर शिविर में हर उम्र के लोग पहुंचे। इसमें 18 साल से लेकर 55 साल तक के रक्तदाताओं ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।
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इसके अलावा करीब दो दर्जन से ज्यादा लोग रक्तदान से संबंधित जानकारी लेने के लिए रक्तदान शिविर में पहुंचे।
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वह जानना चाहते थे कि क्या वे भी रक्तदान कर सकते हैं। अगर ऐसा है तो वह किस तरह अगली बार में रक्तदान करें?
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इस जानकारी के साथ लोगों में रक्तदान के बारे में बने भ्रम को दूर करने का काम भी शिविर में किया गया।
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रक्तदान से बड़ी कोई समाजसेवा नहीं है। यह संदेश देने में युवा भी पीछे नहीं रहे। अमर उजाला की पहल पर रक्तदान करने के लिए लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र भी पहुंचे।
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रक्तदाताओं का कहना था कि हमारा भी समाज के लिए योगदान होना चाहिए। अगर एक मरीज की जिंदगी बचती है तो इससे अच्छा क्या हो सकता है।