ईद उल अजहा नजदीक आने के साथ ही सोमवार से दुबग्गा में बकरा मंडी सज गई। कोरोना संक्रमण का भय और मिनी लॉकडाउन के चलते दूरदराज से आने वाले बकरा व्यापारी इस बार नदारद हैं। हर साल दस से बारह दिन लगने वाला बकरा बाजार इस बार महज चार दिन में सिमट जाएगा।
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- फोटो : amar ujala
कमेटी के सदस्य अबरार अहमद बताते है कि मंडी में आने वालों को मास्क दिए जा रहे हैं। साथ ही सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की गई है। बकरा मंडी में इस समय 7 हजार से लेकर 90 हजार रुपये तक का बकरा मौजूद है, लेकिन उन्नाव के व्यापारी मोहम्मद निजाम के पास मौजूद अरबी नस्ल के दुम्बे मंडी की शान बने हुए हैं।
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उनके पास मौजूद राजू की कीमत एक लाख 30 हजार और सोनू की कीमत एक लाख 20 हजार तय की है। वो बताते हैं कि यहां पर इनके एक लाख रुपये लगे है।
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उन्होंने बताया कि हर साल वो दिल्ली और मुंबई में दुम्बा बेचने जाते है। वहां एक के दो से ढाई लाख आराम से मिल जाते हैं। कोरोना की वजह से इस बार वहां नहीं जा पाए।
मंडी में एक लाख 80 हजार की जमुना पारी नस्ल के बकरों की जोड़ी लोगों को लुभा रही है। राजधानी के यूनुस के बकरों की ये जोड़ी अपने कद काठी की वजह से लोगों को लुभा रही है। वही, काकोरी के व्यापारी मोहम्मद शानू तोता परी नस्ल के बकरे लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने एक लाख 30 हजार रुपए जोड़ी कीमत तय की है। मंडी में 18 से 20 हजार रुपये तक की भेड़ें भी उपलब्ध हैं।