हजरतगंज में राजभवन के सामने बृहस्पतिवार दोपहर बाइक सवार दो बदमाशों ने सिक्योरिटी एजेंसी संचालक से 20 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। उसने विधान भवन के पास स्थित एचडीएफसी बैंक से रकम निकाली थी और कंपनी के सुपरवाइजर के साथ स्कूटी से ऑफिस जा रहा था। हाई सिक्योरिटी जोन में वारदात से हड़कंप मच गया। विरोधाभासी बयान से उलझी पुलिस ने मामला संदिग्ध बताते हुए तहकीकात शुरू की है।
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इंस्पेक्टर विजयमल यादव ने बताया कि पीजीआई थाना क्षेत्र के सुशांत गोल्फ सिटी निवासी पंकज मिश्रा की पार्क रोड पर रमन सिक्योरिटी गार्ड नामक एजेंसी है। पंकज ने बृहस्पतिवार दोपहर विधान भवन के पास प्रणय टॉवर स्थित एचडीएफसी बैंक से 20 लाख रुपये निकाले। नोटों की गड्डियां लैपटॉप वाले बैग में रखकर कंधे पर टांगा और अपनी कंपनी के सुपरवाइजर दिवाकर सिंह के साथ ऑफिस के लिए रवाना हुआ।
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पंकज का कहना है कि एनेक्सी तिरहा से डीएसओ चौराहा होते हुए राजभवन के सामने से बंदरिया बाग चौराहा की तरफ जा रहा था। रास्ते में पीडब्ल्यूडी ऑफिस से चंद कदम आगे नाले के पास पीछे से आई बाइक की पिछली सीट पर बैठे बदमाश ने बैग पर झपट्टा मारा। खींचतान में बद्धी टूट गई और नोटों से भरा बैग लूटकर बदमाश भाग निकले। (बैंक में मामले की जानकारी पर प्रतिक्रिया देता अधिकारी व पीड़ित)
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अचानक हमले से स्कूटी लड़खड़ा गई। इस बीच बदमाशों की तेजरफ्तार बाइक बंदरिया बाग चौराहा की तरफ भाग निकली। पंकज ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन करके वारदात की सूचना दी। बीस लाख की लूट का पता चलते ही पूरे इलाके में चेकिंग शुरू हुई। हजरतगंज व गौतम पल्ली थाने की पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची।
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विरोधाभासी बयान ने उलझाया
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि पंकज मिश्रा ने 1:15 बजे पुलिस कंट्रोल रूम फोन करके बंदरिया चौराहे पर लूट की सूचना दी। थोड़ी देर बाद उसी नंबर से दिवाकर ने पुलिस कंट्रोल रूम कॉल करके शहीद पथ पर लूट की जानकारी दी। सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा को मौके पर भेजा गया। विरोधाभासी बयान पर पंकज व दिवाकर से अलग-अलग तहकीकात की गई। लूट का मामला दर्ज करके तहकीकात की जा रही है। (दायें पंकज सिंह व बायें दिवाकर)
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सीसीटीवी फुटेज खंगाले
इंस्पेक्टर विजयमल यादव ने पंकज मिश्रा को साथ ले जाकर एचडीएफसी बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कर्मचारियों से पूछताछ की। इसमें स्पष्ट हुआ कि पंकज ने 20 लाख रुपये निकाले थे। बैंक परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की गहन छानबीन की जा रही है।
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पंकज व दिवाकर के बैंक पहुंचने और रकम निकालकर वहां से रवाना होने के दौरान कौन लोग उनके आसपास नजर आए लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके अलावा रास्ते के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के लिए टीम लगाई गई है।
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सर्विलांस या फुटेज से खुलासे की उम्मीद
एसएसपी ने वारदात के खुलासे में हजरतगंज पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच को भी लगाया है। बैंक से पीछा करके वारदात अंजाम दिए जाने की आशंका के चलते सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। (राजभवन के पास जायजा लेती पुलिस।)
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वहीं, विरोधाभासी बयान से मामला संदिग्ध नजर आने पर पुलिस ने पंकज व दिवाकर के मोबाइल के कॉल डिटेल संबंधित नेटवर्क कंपनी से मंगाए हैं। दरअसल, 12 फरवरी को हसनगंज इलाके में सिक्योरिटी एजेंसी संचालक हरेराम सिंह ने कर्मचारी के साथ मिलकर पांच लाख रुपये से भरा अपना बैग लुटवाया था।
सिर थाम कर बैठ गया पंकज
सिक्योरिटी एजेंसी संचालक पंकज मिश्रा व सुपरवाइजर दिवाकर सिंह के विरोधाभासी बयान पर पुलिस अफसरों ने सवालों की झड़ी लगाई तो पंकज सिर थाम कर बैठ गया। बोला कि उसे कर्मचारियों को वेतन देना था। इसके लिए पैसे निकाले और 20 लाख लुटने से वह तबाह हो गया। सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर व अन्य कर्मचारियों को वेतन न मिला तो वह परेशान हो जाएंगे। (जांच करती पुलिस।)