बाराबंकी में हुए हादसे के चंद मिनट बाद ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा का नजारा एकाएक बदल गया। एक के बाद एक अस्पताल परिसर में आती एंबुलेंस और उसमें घायल बच्चों के इलाज के लिए दौड़ते डॉक्टरों की टीम का मंजर देख हर कोई दहल गया। अस्पताल परिसर के आसपास एंबुलेंस से लेकर अधिकारियों की गाड़ियों की सायरन देर शाम तक बजते रहे।
सीएचसी देवा में मंगलवार शाम 6:06 बजे जैसे ही बस हादसे में घायल विद्यार्थियों को लेकर पहली एंबुलेंस पहुंची, पूरा अस्पताल प्रशासन सक्रिय हो गया। आनन- फानन सभी डॉक्टरों को तत्काल बुलाया गया। वार्ड बॉय से लेकर फार्मासिस्ट, नर्स सभी एक के बाद एक कर आईं एंबुलेंस में मौजूद घायल बच्चों के इलाज में जुट गए।
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Barabanki Bus Accident
- फोटो : अमर उजाला
देखते ही देखते चंद मिनट पहले शांत व सूने पड़े सीएचसी में चीख-पुकार मच गई। एक के बाद एक सायरन बजाती अस्पताल में आ रहीं एंबुलेंस को देखकर हर कोई सकते में आ गया। जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से लेकर पुलिस प्रशासन का भी जमावड़ा अस्पताल परिसर में लग गया।
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हिमांशी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
हर कोई घायल बच्चों का हाल जानते रहे। चिकित्सकीय टीम की कमान खुद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश यादव व डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव ने संभाल रखी थी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़, डॉ. कैलाश शास्त्री घायल बच्चों के उपचार में एक से दूसरे वार्ड दौड़ते रहे। घटना से दहशत में आए बच्चे डॉक्टर व पुलिस अधिकारियों से अपने माता-पिता को सूचना देने की गुहार लगाते रहे। परिजनों के नंबर भी नोट करते दिखे। वहीं जिले के आला अफसर पूरे घटनाक्रम पर पल-पल की नजर रखे हुए थे।
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कामिनी देवी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि मंगलवार को सूरतगंज ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय हरक्का से 40 बच्चों को शैक्षिक भ्रमण के लिए एक निजी बस से लखनऊ के चिड़ियाघर ले जाया गया था। बच्चों की देखरेख में छह अध्यापक भी गए थे। शाम करीब साढे़ चार बजे बस बच्चों को लेकर सूरतगंज लौट रही थी।
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शुभी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शाम करीब पौने छह बजे देवा फतेहपुर मार्ग सलारपुर गांव के पास आदर्श कॉलेज के सामने बस के सामने अचानक एक बाइक सवार आ गया। बस ने बाइक को टक्कर मारी और लहराते हुए सड़क के करीब 60 फिट तक घिसटती चली गई और फिर पलट गई। हादसा होते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
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Barabanki Bus Accident
- फोटो : अमर उजाला
बस के अंदर से चीखें आ रही थी। जिन बच्चों का दिमाग काम कर रहा था वह चीखते और बिलखते हुए खिड़कियों से बस के बाहर निकल रहे थे। पुलिस व ग्रामीणों ने बस के अंदर पड़े बेहोश पड़े बच्चों को निकाला तो किसी का आधा हाथ कटा मिला तो किसी का एक का पैर गायब था। तीन बच्चे दम तोड़ चुके थे। जिसने भी यह मंजर देखा उसके कलेजे कांप उठे।
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घायल बच्चे बेहद सहमे हुए थे।
- फोटो : amar ujala
बस से निकालने के दौरान तीन बच्चों के शरीर निढाल देखकर पुलिसकर्मियों ने चेक किया तो वह मृत मिले। काफी देर तक सड़क पर तीनों शव पड़े रहे। सोनम निषाद नामक बच्ची तीनों शवों को देखकर चीख पड़ी। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि कुछ देर पहले उनके जो साथी बस में उससे बतिया रहे थे वह अब दुनिया में नहीं है।
बस में सवार मोहम्मदपुर खाला थाना इलाके के मदरहा गांव की कामिनी (14), हिमांशी (14), शुभी (14) और बस मालिक के पुत्र असंद्रा के सिद्धौर कस्बा निवासी सूफियान (38) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह शिक्षकों समेत 15 अन्य घायल हुए। अजय और प्रदीप को नाजुक हालत में जिला अस्पताल से केजीएमयू रेफर किया गया है। सूचना पर डीएम सत्येंद्र कुमार व एसपी दिनेश कुमार सिंह समेत पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया।