लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के कपूरथला स्थित पालिका बाजार में शनिवार देर शाम रंजिश को लेकर व्यापार मंडल के नेता ने व्यापारी को दौड़ाकर फायर झोंक दिया। गोली व्यापारी के पैर में जा धंसी। वह औंधे मुंह गिर गया। इससे बाजार में भगदड़ मच गई। लोगों ने जख्मी व्यापारी को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस का कहना है व्यापरियों के दो गुटों में अतिक्रमण हटाने को लेकर शुक्रवार से विवाद चल रहा था। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
इसके पहले शुक्रवार को भी शहर में एक व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद जमकर बवाल हुआ था। नाका की गुरुनानक मार्केट में शुक्रवार भरी दोपहरी होटल कारोबारी व शुभम लॉज के मालिक मुकेश मनवानी (40) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। (लखनऊ में सरेआम व्यापारी की गोली मारकर हत्या, बवाल-तोड़फोड़, एक गिरफ्तार)
वहीं, अलीगंज में हुई घटना पर पुलिस का कहना है कि मडिय़ांव बसंत बिहार कालोनी निवासी नीरज कौशल की कपूरथला स्थित पालिका बाजार में आरके प्रिटिंग प्रेस के नाम से दुकान है। पीडि़त ने बताया पालिका बाजार व्यापार मंडल के महामंत्री उमेश दुबे ने एलडीए से सांठगांठ करके दस्ते को बुलाकर उसकी दुकान का बढ़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त करा दिया।
इसे लेकर व्यापारी ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। शनिवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे नीरज अपनी दुकान से मलबा हटवा रहा था तभी उमेश अपने साथी रमाकांत संग पहुंचे और गालगलौज करते हुए धक्का मुक्की की। व्यापारी ने विरोध किया तो उसे पीटने लगे। नीरज वहां से भागने लगा तो उमेश ने असलहे से फायर कर दिया।
गोली नीरज के बाए बाएं पैर के घुटने के नीचे हिस्से में जा धसी। वह बाजार में गिर गया। गोली चलते ही बाजार में भगदड़ मच गई। साथी व्यापारियों ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मौके पर आई पुलिस ने छानबीन की। व्यापारियों ने जख्मी नीरज को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया है।
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पुलिस चौकी के सामने व्यापारी को मारी गोली
पुलिस चौकी के ठीक सामने व्यापारी को गोली मार दी गयी। सरेशाम हुई फायरिंग से इलाके में हड़कंप मच गया। वहीं पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी गायब थे। फायरिंग की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भेजा।
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एसीएम की मौजूदगी में ढहाई गई थी अवैध दुकानें
शुक्रवार को अलीगंज के पालिका बाजार में एलडीए टीम ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई की थी। इस दौरान नीरज की दुकान को भी तोड़ा गया था। एलडीए ने केवल तीन दुकानों पर कार्रवाई की और बाकी दुकानों को छोड़ दिया। व्यापारियों ने विरोध भी किया था और एलडीए दस्ते से भिड़ गए थे। व्यापारी दूसरे गुट की अवैध दुकानें ढहाए जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस का कहना है दोनों व्यापारी गुटों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों ने एक दूसरें के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए थे।
इन दुकानों पर एलडीए ने की थी कार्रवाई
अवैध रूप से बनाई गई छह दुकानों को एल डी ए दस्ते ने ए सी एम पंचम की मौजूदगी में तोड़ा था। तीन स्थायी पक्की दुकानों पर कार्रवाई हुई जबकि तीन अन्य अस्थायी दुकानों पर भी कार्रवाई हुई थी। अस्थायी रूप से सजाई गई लालजी कश्यप की अंडा रोल की दुकान रामानंद यादव की चाय की दुकान रमेश गुप्ता की पूड़ी की दुकान पर कार्रवाई की गई जबकि स्थायी रूप की दुकाने आनंद सोनी की प्रिंटिंग प्रेस, मनोज पाल की पॉलसन बिजनेस पोर्ट राम किसान यादव की यादव भोजनालय की दुकान को तोड़ा गया था।