यूपी एटीएस ने एक माह में 42 फाइटर तैयार कर दिए। यह फाइटर किसी भी परिस्थितियों से निपटने में माहिर होंगे। 21 अगस्त से शुरू हुआ इनका प्रशिक्षण शनिवार को पूरा हो गया। वाराणसी और आगरा की स्वॉट टीम से आए इन जवानों को एटीएस की स्वॉट टीम ने एटीएस के अमौसी स्थित स्पॉट मुख्यालय पर सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआईएसएफ के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षित किया। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने इस प्रशिक्षण का समापन किया और प्रशिक्षण हासिल करने वालों को पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया।
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इस मौके पर एडीजी आनंद कुमार ने कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण एक अच्छी शुरुआत है। इससे जिलों में आपात स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिन दो जिलों वाराणसी और आगरा की टीमों को यह ट्रेनिंग दी गई है वहां हाई रिस्क आपरेशन, अपराधों और आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इन टीमों का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे जो ऐसे मौकों पर एटीएस से समन्वय स्थापित कर किसी भी आपरेशन को अंजाम देंगे। इन जिलों के एक-एक पुलिस उपाधीक्षकों को भी प्रशिक्षित किया गया है।
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आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के महानिरीक्षक असीम अरुण ने बताया कि वाराणसी की स्वॉट टीम से 22 और आगरा की स्वॉट टीम से 20 जवान फाइटर ट्रेनिंग के लिए लखनऊ बुलाए गए थे। लखनऊ में स्पॉट मुख्यालय पर आयोजित यह प्रशिक्षण बेसिक पुलिस टैक्टिस, स्पेशल पुलिस टैक्टिस, फायर आर्म्स टैक्टिस और फिजिकल ट्रेनिंग पर आधारित था।
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उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान स्वॉट टीमों को छापेमारी के तरीके, रूम इंट्री, तलाशी के तरीके, अभियुक्तों की गिरफ्तारी और हथकड़ी लगाने के तरीके बताए गए।
केंद्रीय बलों से आए विशेषज्ञों जिसमें सीआरपीएपफ के डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार, बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट बीएल बड़ियासर, आईटीबीपी के इंस्पेक्टर जीतेंद्र रावत और सीआईएसएफ के सब इंस्पेक्टर रघुवीर ने अपराधियों से निपटने के गुर सिखाए । इस मौके पर एटीएस के एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एडीशनल एसपी राजेश साहनी शामिल थे।