चुनाव का मौसम में ऐसे में हम आपको एक ऐसा किस्सा सुना रहे हैं जिससे हर राजनेता को सीख लेनी चाहिए।
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अटल बिहारी वाजपेई
- फोटो : amar ujala
वर्ष 1957 का चुनाव था। अटल बिहारी वाजपेयी भी लखनऊ से चुनाव लड़ रहे थे। उनके सामने थे कांग्रेस से पुलिन बिहारी बनर्जी ‘दादा’।
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अटल बिहारी वाजपेई
- फोटो : amar ujala
बनर्जी चुनाव जीते और अटलजी हार गए। जनसंघ के कार्यालय पर मौजूद लोग हार-जीत का विश्लेषण कर रहे थे, अटल जी उठे और कुछ लोगों के साथ पहुंच गए बनर्जी के घर।
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अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : amar ujala
अटल को घर के सामने देख दादा के घर मौजूद लोग हड़बड़ा गए। अटल जी बोले, ‘दादा जीत की बधाई। चुनाव में तो बहुत कंजूसी की लेकिन अब न करो कुछ लड्डू-वड्डू तो खिलाओ।’ दादा ने अटलजी को गले लगाया।