उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली पीसीएस परीक्षा में साक्षात्कार के नंबर कम किए जाने का ज्यादातर स्टूडेंट्स ने स्वागत किया है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी तथा सही अभ्यर्थी चुनकर आगे जाएंगे। पीसीएस परीक्षा में अभी तक 200 नंबर का साक्षात्कार होता था, जिसे घटाकर अब 100 नंबर का कर दिया गया है। विद्यार्थियों ने नंबर कम करने पर कुछ इस तरह अपने विचार व्यक्त किए--
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अनुष्का
- फोटो : amar ujala
साक्षात्कार के नंबर कम होने से घूसखोरी पर रोक लगेगी। घूस देकर कम काबिल अभ्यर्थी चुन लिया जाता है जबकि काबिल अभ्यर्थी बाहर रह जाता है। इसलिए अब होनहारों को इसका सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। सरकार का यह एक अच्छा कदम है।- अनुष्का, छात्रा, बीए
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अनुपम राय
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का यह अच्छा कदम है। साक्षात्कार के नंबर कम से कम होने चाहिए। इससे धांधली की आशंका कम हो जाती है। अभ्यर्थी का ज्ञान तो लिखित परीक्षा से जांच ही लिया जाता है। साक्षात्कार में नंबर कम ही होने चाहिए।- अनुपम राय, छात्र, एमएससी जियोलॉजी,
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सदफ मंजूर
साक्षात्कार ही किसी की योग्यता तय करने का अंतिम पैमाना नहीं है। व्यक्ति की असली क्षमता लिखित परीक्षा के आधार पर ही परखी जा सकती है। साक्षात्कार के आधार पर केवल व्यक्तित्व और आपकी बोलने की क्षमता ही परखी जा सकती है। - सदफ मंजूर,छात्रा, बीए
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अर्चित रावत
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साक्षात्कार में अभ्यर्थी अपनी वाकपटुता से कुछ देर केे लिए अपने को ज्यादा काबिल साबित कर सकता है, लेकिन असलियत में काबिलियत तभी मानी जाएगी जबकि उसने लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया हो। इसलिए सरकार का यह कदम सराहनीय है। - अर्चित रावत, छात्र, बीकॉम
मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। साक्षात्कार के नंबर कम होने पर अभ्यर्थी को यह भरोसा होगा कि लिखित परीक्षा के नंबर उसकेचयन में मैटर करेंगे। साक्षात्कार के नंबर बढ़वाने को लेकर अभ्यर्थी इधर-उधर चक्कर काटते रहते थे। अब इस पर रोक लगेगी।- दीपक यादव, छात्र, बीए अंतिम वर्ष