अखिलेश ने लिखा, माना वतन में मुश्किल हालात रहे, सियासत की साज़िश से इंसानी रिश्ते तार-तार रहे....पर जो बीत गया सो बीत गया... अब नयी इबारत लिखनी है, जिससे अब इस नये साल में अमन-चैन और प्यार रहे... और हर किसी का दामन ख़ुशियों से आबाद रहे. नये साल की अनंत शुभकामनाएँ!