मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यूं तो पूरी राजधानी ही ‘वीआईपी’ क्षेत्र है, लेकिन अपर्णा यादव के चुनाव लड़ने के चलते कैंट ‘डबल वीआईपी’ विधानसभा क्षेत्र है। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से लेकर डिंपल यादव तक उनके पक्ष में प्रचार के लिए आ चुके हैं।
यहां बता दें कि अपर्णा यादव मुख्यमंत्री अखिलेश के छोटे भाई की पत्नी हैं। अवध हॉस्पिटल चौराहे पर उनके समर्थन में आयोजित जनसभा में अखिलेश ने कहा कि पिछली बार आपने कांग्रेस के प्रत्याशी को जिताने का काम किया, जो अब भाजपा में चला गया।
इस बार तो कांग्रेस के साथ सपा भी है, इसलिए अपर्णा यादव को जरूर जिता देना। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का रास्ता कैंट विधानसभा क्षेत्र से होकर ही गुजरता है, अगर यहां से गठबंधन के प्रत्याशी को जिता दिया तो न सिर्फ विकास की खूब योजनाओं पर काम होगा, बल्कि आते-जाते वक्त भी अच्छा लगेगा।
अखिलेश व अपर्णा के साथ गुलाम नबी आजाद
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कांग्रेस महासचिव गुलाम नवी आजाद ने भाजपा प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी का नाम लिए बिना कहा कि कैंट विधानसभा सीट हमारे लिए सपा से भी ज्यादा प्रतिष्ठा की है, क्योंकि कुर्सी के लालच में उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया।
पार्टी के टिकट पर रीता बहुगुणा जोशी विधायक तो बनी ही थीं, उन्हें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दी गई।
इसके बावजूद वे लालच के फेर में फंसकर भाजपा में चली गईं। इसलिए उन जैसे सिद्धांत विहीन राजनीति करने वालों को सबक सिखाना जरूरी है।