समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने शनिवार को गोमती नगर स्थित शीरोज कैफे में एसिड अटैक पीड़ितों से मुलाकात की। यहां उन्होंने पीड़िताओं की समस्याएं सुनकर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया।
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- फोटो : amar ujala
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार डंडे के बल पर लोगों को डराकर शासन चलाना चाहती है। इस सरकार को गरीबों और जरूरतमंदों के दुख-दर्द से कोई वास्ता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार शीरोज कैफे चलाने वाली एसिड अटैक पीड़िताओं की बात सुने और उनकी मदद करे। बोले कि अगर सपा सरकार होती तो यह समस्या ही नहीं आती।
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पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार यह जगह तो छीन सकती है लेकिन शीरोज कैफे को बंद नहीं कर सकती। जरूरत पड़ी तो समाजवादी लोग एसिड पीड़ितों की मदद करेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग इस कैफे की जगह पर रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि वह बगल वाली बिल्डिंग जेपीएनआईसी में टेंडर के जरिए रेस्टोरेंट हासिल करें।
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उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सरकार आगरा एक्सप्रेस वे के किनारे भी रेस्टोरेंट खुलवा सकती है लेकिन पीड़िताओं को परेशान न करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस सरकार से बहुत परेशान हो चुकी है। अब बस लोगों को चुनाव का इंतजार है। शिरोज में 45 मिनट तक अखिलेश और डिंपल ने एसिड अटैक पीड़िताओं से बातचीत की। उनके साथ सपा के मुख्य प्रवक्ता पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, जूही सिंह समेत अन्य नेता भी थे।
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मालूम हो कि डॉ. भीमराव अंबेडकर परिवर्तन स्मारक परिसर में महिला कल्याण निगम द्वारा संचालित शीरोज हैंगआउट कैफे को बंद कराने का आदेश दिया गया था। हालांकि, बाद में महिला कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने शीरोज बंद नहीं होने की पुष्टि की। मंत्री ने कहा कि इसका संचालन करने वाले एनजीओ छांव फाउंडेशन की अनियमितता छिपाने के लिए भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि इसका नए सिरे से नाम बदलकर निगम ही संचालन करोगी या किसी अन्य विकल्प की भी तलाश की जाएगी। जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला कर लिया जाएगा।