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शीरोज कैफे में एसिड पीड़िताओं से मिले अखिलेश यादव, बोले- लोगों को डराकर शासन चलाना चाहती भाजपा सरकार

Sun, 07 Oct 2018 01:45 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
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akhilesh yadav - फोटो : amar ujala
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने शनिवार को गोमती नगर स्थित शीरोज कैफे में एसिड अटैक पीड़ितों से मुलाकात की। यहां उन्होंने पीड़िताओं की समस्याएं सुनकर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। 
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akhilesh yadav - फोटो : amar ujala
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार डंडे के बल पर लोगों को डराकर शासन चलाना चाहती है। इस सरकार को गरीबों और जरूरतमंदों के दुख-दर्द से कोई वास्ता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार शीरोज कैफे चलाने वाली एसिड अटैक पीड़िताओं की बात सुने और उनकी मदद करे। बोले कि अगर सपा सरकार होती तो यह समस्या ही नहीं आती। 
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sheroes cafe - फोटो : amar ujala
पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार यह जगह तो छीन सकती है लेकिन शीरोज कैफे को बंद नहीं कर सकती। जरूरत पड़ी तो समाजवादी लोग एसिड पीड़ितों की मदद करेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग इस कैफे की जगह पर रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि वह बगल वाली बिल्डिंग जेपीएनआईसी में टेंडर के जरिए रेस्टोरेंट हासिल करें। 

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sheroes cafe - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सरकार आगरा एक्सप्रेस वे के किनारे भी रेस्टोरेंट खुलवा सकती है लेकिन पीड़िताओं को परेशान न करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस सरकार से बहुत परेशान हो चुकी है। अब बस लोगों को चुनाव का इंतजार है। शिरोज में 45 मिनट तक अखिलेश और डिंपल ने एसिड अटैक पीड़िताओं से बातचीत की। उनके साथ सपा के मुख्य प्रवक्ता पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, जूही सिंह समेत अन्य नेता भी थे।
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sheroes cafe - फोटो : amar ujala
मालूम हो कि डॉ. भीमराव अंबेडकर परिवर्तन स्मारक परिसर में महिला कल्याण निगम द्वारा संचालित शीरोज हैंगआउट कैफे को बंद कराने का आदेश दिया गया था। हालांकि, बाद में महिला कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने शीरोज बंद नहीं होने की पुष्टि की। मंत्री ने कहा कि इसका संचालन करने वाले एनजीओ छांव फाउंडेशन की अनियमितता छिपाने के लिए भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। 
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sheroes - फोटो : amar ujala
सूत्रों का कहना है कि इसका नए सिरे से नाम बदलकर निगम ही संचालन करोगी या किसी अन्य विकल्प की भी तलाश की जाएगी। जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला कर लिया जाएगा।
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