सपा के दोफाड़ होने के बाद प्रदेश कार्यालय पर कब्जे को लेकर जद्दोजहद चल रही है। शिवपाल समर्थकों को सोमवार को दफ्तर में दाखिल नहीं होने दिया गया। इसके विरोध में उन्होंने सांकेतिक धरना दिया। अखिलेश समर्थकों ने वहां पहुंचकर नारेबाजी शुरू की तो शिवपाल समर्थक चले गए। टकराव की आशंका को देखते हुए सपा दफ्तर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
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शिवपाल यादव की प्रदेश कमेटी में सचिव रघुनंदन सिंह काका और रिछपाल सिंह चौधरी सोमवार 11.10 बजे सपा कार्यालय के बाहर पहुंचे। उन्होंने जैसे ही छोटे गेट से अंदर जाना चाहा, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
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कहा कि किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है। काका ने पार्टी से पुराने जुड़ाव और लोकतंत्र सेनानी होने का हवाला भी दिया लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके विरोध में वे गेट के बाहर ही कुर्सी डालकर बैठ गए। कुछ देर बाद मंत्री शारदा प्रताप शुक्ल पहुंचे।
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उन्हें अंदर जाने से तो नहीं रोका गया लेकिन काका व रिछपाल को बाहर देखकर वह भी अंदर नहीं गए। वह भी कुछ देर के लिए उनके साथ वहीं बैठे। इस बीच लगभग 11.30 बजे अखिलेश खेमे के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल आए और सीधे ऑफिस में चले गए।
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इस पर काका ने फिर अंदर जाने की बात कही लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया गया। बकौल काका, सीएम की सिक्योरिटी के लोगों ने यह भी नहीं बताया कि किसके आदेश पर हमें रोका जा रहा है।
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करीब सवा 12 बजे सपा के प्रदेश सचिव व प्रवक्ता दीपक मिश्र पहुंचे तो उनसे नाम पूछा गया। नाम बताने पर उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान मीडियाकर्मी भी काफी संख्या में पहुंच गए। दीपक लाल टोपी लगाकर आए थे लेकिन विरोध स्वरूप काली टोपी पहन ली। (जब अंदर जाने को नहीं मिला तो सपा सचिव रघुनंदन सिंह काका व साथी बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए।)
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कहा, सीएम अखिलेश की आस्था लोकतंत्र में है लेकिन उनका नाम लेकर कुछ लोग हुकूमत चला रहे हैं। वह टीवी चैनलों पर बाइट दे रहे थे कि 50-60 युवा अखिलेश के समर्थन में नारेबाजी करते हुए वहां आ गए।