यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश में टॉप करने वाले आकाश मौर्या लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। अभावों के बीच आकाश ने कड़ी मेहनत से अपने पिता और परिवार का नाम रोशन कर दिया है। पांच सौ में 466 अंक प्राप्त कर प्रदेश के टॉपर बने आकाश मौर्या के पिता ऑटो चलाते हैं। कांशीराम कॉलोनी में रहकर आकाश ने जो ऊंचाई हासिल की है, उससे उनका परिवार खुशी से फूला नहीं समां रहा है।
आकाश ने साबित कर दिया कि बड़े से बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए संसाधनों की नहीं कड़ी मेहनत जरूरी होती है। उनकी सफलता का यही राज है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को देते हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उनका सक्सेज मंत्रा दिन रात की मेहनत रही है। आकाश इंजीनियर बनना चाहते हैं।
आकाश स्कूल में क्लास करने के बाद एक घंटे की एक्स्ट्रा क्लास और फिर घर पर छह से सात घंटे की पढ़ाई हर रोज करते थे। उनके पिता कुलदीप मौर्य बेटे की सफलता पर गदगद हैं। खुशी के आंसू के बीच पिता कुलदीप बताते हैं कि वो प्राइवेट गाड़ी चलाते हैं। पुत्र की पढ़ाई में जब बाधा आई तो ड्यूटी के बाद एक और ऑटो चलाकर ओवरटाइम करते थे। मां फूलकेसरी बताती हैं कि स्कूल का कड़ा अनुशासन और सभी के सहयोग के चलते कभी रुकावट नहीं आई।