राजधानी के व्यापारियों में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से खुशी की लहर है। उनका मानना है कि कश्मीर के हालात सुधरें तो लखनऊ के व्यापारियों का वहां ‘हब’ बन सकता है। दरअसल, लखनऊ का कश्मीर से व्यापारिक रिश्ता बहुत पुराना है।
वैसे कश्मीर से सबसे ज्यादा अखरोट और सेब की आवक होती है लेकिन दोनों ही चीजों का कारोबार ठंडा पड़ा है। दरअसल बारिश में अखरोट की खपत कम हो जाती है। हालांकि अब लखनऊ के व्यापारियों को कश्मीर में व्यापार की बहुत गुंजाइश दिख रही है। बस, वहां हालात सुधरने का इंतजार है।
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अफजल
- फोटो : amar ujala
खुलेंगे रिटेल शोरूम, पाएंगे रोजगार
अनुच्छेद 370 के हटने से वाकई कश्मीर के हालात सुधरें तो लखनऊ में बसे कश्मीरियों की वहां वापसी होगी। रेडीमेड व रिटेल शोरूम खुलेंगे तो रोजगार बढ़ेंगे। - मोहम्मद अफजल, रेडीमेड कारोबारी
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भारत भूषण
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कारोबार में बढ़ेगी सहूलियत
कश्मीर में जल्द ही यूपी जैसे कारोबारी नियम लागू होंगे। इससे कारोबार में सुविधा होगी। गेहूं, चावल वगैरह पर रियायत खत्म होगी तो खुले बाजार में कारोबार बढ़ेगा। - भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष चावल व दाल मिल एसोसिएशन
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पप्पू द्विवेदी
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कश्मीरी सेब खरीदने जाएंगे
केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर व्यापार करने की राह आसान कर दी। पहले एजेंट कश्मीरी सेब की डिलीवरी भेजते थे। अब उम्मीद बंधी, कि खुद ही कश्मीरी सेब खरीदने के लिए थोक व्यापारी जाएंगे। - पप्पू द्विवेदी, अध्यक्ष- फल व्यापारी एसोसिएशन
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सीताराम अग्रवाल
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अखरोट की सीधे होगी खरीद फरोख्त
कश्मीर से सिर्फ अखरोट की आवक होती। अखरोट 500 रुपये किलो एवं गिरी 1100 रुपये किलो रुपये खरीदते। अनुच्छेद 370 हटने से व्यापारी वहां से अखरोट की सीधे खरीद फरोख्त करेंगे। जो सस्ता भी पड़ सकता। - सीताराम अग्रवाल, थोक कारोबारी
जरदोजी का कारोबार बढ़ेगा
कश्मीर में जरदोजी के कपड़े, लहंगा, गरारा, सूट की बहुत खपत है। अब तक जो व्यापारी माल लेकर जाते थे वह जल्दी बिकता नहीं था। कर्फ्यू व आंदोलन के चलते दिक्कत होती थी। अब यह कारोबार बढ़ेगा। - सुमित गुप्ता, थोक कपड़ा कारोबारी