फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुद्वारा पहुंचे सीएम आदित्यनाथ, बोले- सिखों के लिए हमेशा तैयार रहेगी यूपी सरकार

Fri, 14 Apr 2017 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छुआछूत और ऊंच नीच का स्थान सिख ही नहीं भारत के किसी भी धर्म में नहीं होना चाहिए। बैसाखी पर्व के दिन सभी को शपथ लेनी चाहिए कि हमारे समाज में छुआछूत के लिए कोई जगह नहीं होगी। समाज समरस होगा, एकजुट होगा तो वह हर समस्या का समाधान निकाल लेगा। गुरु गोविंद सिंह ने विपरीत हालात में सिख पंथ की स्थापना ही नहीं की, बल्कि अपने चार पुत्र देश व धर्म के लिए समर्पित कर दिए। औरंगजेब ने कश्मीर में धर्मांतरण के लिए कश्मीरी पंडितों को यातनाएं दीं तो गुरु तेग बहादुर ने संघर्ष किया था। गुरु नानक देव से गुरु गोविंद सिंह तक शक्ति से भक्ति का पुंज बनकर उभरी इस परंपरा को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। सिख गुरुओं से प्रेरणा लेकर हम एक समरस, सशक्त और एकजुट समाज की स्थापना कर एक भारत व श्रेष्ठ भारत बनाएंगे।
विज्ञापन

2 of 5
बैसाखी पर्व पर बृहस्पतिवार को यहियागंज स्थित गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारे में आयोजित सत्संग-कीर्तन में मत्था टेकने पहुंचे मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, जब विदेशी आक्रमणकारी देश की धर्म व संस्कृति को रोकने के लिए लोगों को यातनाएं देते थे, अत्याचार करते थे, धर्मस्थलों को तोड़ते थे, माताएं-बहनों की इज्जत सुरक्षित नहीं थी, तब गुरु गोविंद सिंह महाराज ने देश व धर्म की रक्षा के लिए सिख पंथ की स्थापना की। अपने चार पुत्रों  को देश व धर्म के लिए समर्पित करने के बाद भी उनके चेहरे पर शिकन नहीं आई, बल्कि जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा- ‘चार मरे तो क्या हुआ जीवित कई हजार’। गुरु गोविंद सिंह के इस कथन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।
विज्ञापन

3 of 5
योगी ने कहा, यह सौभाग्य है कि गुरु तेग बहादुर और गोविंद सिंह भी यहियागंज गुरुद्वारे में आ चुके हैं। गुरु तेग बहादुर के बारे में पढ़ता हूं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सिख धर्म गुरुओं ने कितनी यातनाएं सही हैं, दिल्ली का शीशगंज गुरुद्वारा इसका गवाह है। गुरु गोविंद सिंह ने जिन पंज प्यारों को आज के दिन खालसा पंथ की स्थापना के माध्यम से आगे बढ़ाया था, वह आज भी कायम है। वे हिंदू धर्म की उन जातियों से थे जिन्हें हम अछूत मानते हैं। इसलिए आज के दिन हमें शपथ व प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि  समाज में छुआछूत और ऊंच-नीच के लिए कोई स्थान नहीं होगा। सीएम ने कहा, बैसाखी का पर्व हमें इसकी प्रेरणा दे रहा है।

4 of 5
उन्होंने आश्वस्त किया कि सिख समाज को जब भी आवश्यकता पड़ेगी, यूपी सरकार तैयार रहेगी। आप सब सिख गुरुओं से प्रेरणा लेकर सशक्त व एकजुट समाज की स्थापना और एक श्रेष्ठ भारत बनाने में योगदान दें। इस मौके पर विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बलदेव सिंह भी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
महापुरुषों को विवाद का हिस्सा न बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा, वे आत्माएं बड़ी पवित्र थीं जिन्होंने देश व धर्म के लिए खुद को समर्पित किया। उन महापुरुषों को हम सभी को किसी विवाद का हिस्सा नहीं बनने देना चाहिए। इस धर्म व देश के लिए उनका त्याग व बलिदान वर्तमान पीढ़ी का मार्गदर्शन कर रहा है। यह पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले रही है। जब भी देश पर कोई अत्याचार होता है, तब लोग गुरु गोविंद सिंह महाराज के चार पुत्रों के बलिदान को मार्गदर्शन के रूप में देखते हैं। उस महान परंपरा के प्रति हम सभी को कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें