मोहनलालगंज के डेहवा गांव में शनिवार रात भभूति मौर्या (65) की बड़े भाई रामशंकर ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एसीपी मोहनलालगंज संजीव सिन्हा के मुताबिक, डेहवा गांव में भभूति मौर्या, पत्नी किशना और बेटे संतराम के साथ रहते थे। भभूति सब्जी उगाकर बेचने का काम करते थे। शनिवार रात भभूति अपने खेतों की रखवाली करने के लिए गए और मचान पर सो गए। खेत के बगल में ही उनके बड़े भाई रामशंकर का खेत है। वह भी रात में अपने खेतों की रखवाली को मचान पर सोया था। रविवार सुबह करीब पांच बजे भभूति की पत्नी किसना और बेटा संतराम खेत में सब्जी तोड़ने गए तो देखा खेत में भभूति का शव खून से लथपथ पड़ा था। ग्रामीणों ने राम शंकर की तलाश शुरू की तो वह गांव के बाहर एक पूजा स्थल पर खून से सने कपड़ों में बैठा है। अतिरिक्त निरीक्षक अपराध रफी आलम के मुताबिक, हत्या आरोपी रामशंकर की निशानदेही पर पुलिस ने खेत में गड्ढे में छिपाकर रखी कुल्हाड़ी को बरामद कर लिया है जिससे वारदात को अंजाम दिया गया था।
विज्ञापन
2 of 5
हत्या आरोपी रामशंकर
- फोटो : amar ujala
रामशंकर ने पुलिस को बताया कि भभूति ने हमको मारा था, इसलिए हमने उसको मार दिया। वह पुलिस से बार-बार भूख लगने की बात कहता रहा और खाना मांगता रहा। बोला, कि गुस्सा आ गया तो मार दिया और मुझको अपने भाई की हत्या का कोई पछतावा नहीं है। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
विज्ञापन
3 of 5
पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
बच्ची से दुष्कर्म और हत्या में बेटे को हुई फांसी की सजा
एसीपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया, रामशंकर काफी समय से मानसिक दबाव में चल रहा था। करीब एक दशक पहले गांव की ही एक मासूम बच्ची के दुष्कर्म और उसकी हत्या के आरोप में राम शंकर का बेटा जेल जा चुका है। अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने एक तरह से रामशंकर के परिवार से नाता तोड़ लिया था। इससे वह तनाव में रहता था। कुछ दिन पहले भभूति और रामशंकर के बीच विवाद हुआ था जिसे लेकर वह गांव में घूम-घूमकर कह रहा था कि भभूति ने हमको मारा है, हम भी मारेंगे। लोग उसे मानसिक रूप से बीमार मान उसकी बातों को अनसुना करते रहे।
4 of 5
भभूति मौर्या ( फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
16 दिन पहले बड़े भाई की पोती की शादी में शामिल हुआ था परिवार
रामशंकर के छोटे बेटे इन्द्रपाल की बेटी रचना की 13 जून को शादी थी। पोती की शादी में भभूति, अपनी पत्नी व बेटे के साथ हंसी खुशी शामिल हुआ था। उसे क्या पता था कि उसके परिवार की खुशी 16 दिन बाद मातम में बदल जाएगी और उसका सगा बड़ा भाई रामशकंर उसे बेवजह मौत के घाट उतार देगा।
ग्रामीणों को धमका रहे हत्या आरोपी के बेटे का शांति भंग में चालान
घटना के बाद रामशंकर का छोटा बेटा इन्द्रपाल हत्या आरोपी पिता के विरोध में थाने जाकर गवाही देने वालों को मौत के घाट उतारने की धमकी देने लगा। शिकायत पर पुलिस ने इन्द्रपाल को पकड़कर शांति भंग में चालान कर दिया। ग्रामीणों ने बताया 22 जून को रामशंकर ने अपनी पत्नी रामश्री की पीटकर छत से फेंक दिया था।