हजरतगंज में नवल किशोर रोड स्थित राजश्री गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल की कोचिंग कर रही आजमगढ़ की रजिया इरशाद (21) शुक्रवार को कलाई की नस काटकर फंदे से लटक गई। (छात्रा के शव की फोटो लेती एक युवती।)
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भाई के लिए कुछ लिखकर, बहन न दी जान!
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दोपहर करीब एक बजे पड़ोस के कमरे में रहने वाली उसकी सहेली मधु मोबाइल फोन का चार्जर लेने पहुंची तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। (रजिया की आत्महत्या के बाद हॉस्टल में मौजूद अन्य युवतियां।)
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काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो अन्य छात्राएं एकत्र हो गईं। कुर्सी पर चढ़कर छात्राओं ने दरवाजे के ऊपर बने झरोखे से भीतर देखा तो रजिया दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकी दिखी। (उसकी लाश ले जाते पुलिसकर्मी।)
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रजिया की आत्महत्या के बाद हॉस्टल के बाहर भीड़ लग गई।
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रजिया ने अपने भाई के नाम संदेश भी लिखा, जिसमें उसने भाई की विश पूरी करने की बात कही।
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हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं का कहना था कि वह सुबह तक ठीक थी। (हॉस्टल के बाहर लगी भीड़।)
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हॉस्टल के आसपास बने घरों की छत पर मौजूद लोग।
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अन्य छात्राओं का कहना है कि वह कोचिंग नहीं गई थी। वह जब लौटकर आईं तो उसका कमरा अंदर से बंद था। (हॉस्टल के बाहर लगी भीड़।)
भाई के लिए कुछ लिखकर, बहन न दी जान!
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आत्महत्या के बाद रजिया के साथ की अन्य छात्राएं अवाक नजर आ रही थीं।
रजिया की खुदकुशी से हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राएं काफी सहमी हैं। कई छात्राओं ने मैनेजर को प्रार्थनापत्र देकर हॉस्टल छोड़ दिया और अपने घर लौट गईं तो कुछ छात्राओं ने दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट कर लिया है।