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Yoga Tips: शरीर के इन तीन अंगों के लिए नियमित योगाभ्यास जरूरी, सेंडेंटरी लाइफस्टाइल की जटिलताएं होंगी दूर

Fri, 03 Jun 2022 11:32 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित योग करने के लाभ - फोटो : istock
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी जीवनशैली की गतिहीनता, कई प्रकार से शारीरिक स्वास्थ्य की समस्याओं का कारण मानी जाती है। एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठकर काम करते रहने वाले लोगों में इस तरह की समस्या का खतरा अधिक होता है। गतिहीन जीवनशैली वाले लोगों में वैसे तो कई प्रकार की समस्याओं का खतरा हो सकता है, पर ऐसे लोगों में मांपेशियों में कमजोरी की दिक्कत सबसे अधिक देखने को मिलती है।

विशेषकर कंधे, कमर और कोर की मांसपेशियों से संबंधित दिक्कतें ऐसे लोगों में ज्यादा देखी जाती हैं। इस तरह की दिक्कतों को कम करने के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। 

योग विशेषज्ञ कहते हैं जो लोग नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास करते हैं उनमें  सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण होने वाली समस्याओं का खतरा काफी कम होता है। इसके लिए दिनचर्या में कुछ विशेष प्रकार के योगासनों को शामिल किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि सेंडेंटरी लाइफस्टाइल की समस्याओं को कम करने और शरीर की बड़ी मांसपेशियों की दिक्कतों को दूर करने में कौन से योगासन आपके लिए मददगार हो सकते हैं?
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कमर की समस्या के लिए योगासन - फोटो : Pixabay
कमर के लिए योग

जीवनशैली की गतिहीनता के कारण कम उम्र के लोगों में भी कमर दर्द की समस्या बढ़ती हुई देखी जा रही है। इस स्थिति में लोगों के लिए सामान्य जीवन के कामकाज तक करना कठिन हो जाता है। कमर में दर्द की समस्याओं को दूर करने के लिए कैट-काऊ पोज या फिर सेतुबंधासन योग के अभ्यास करना सबसे बेहतर माना जाता है। ये योगासन मांसपेशियों में रक्त के संचार को बढ़ाने के साथ उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
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शरीर को स्वस्थ रखने वाले योगासन - फोटो : Istock
कोर की मांसपेशियों के लिए योग

कोर की मांसपेशियां संपूर्ण शरीर के बेहतर ढंग से कार्य करते रहने के लिए आवश्यक है। इन मांसपेशियों को लक्षित करने के लिए नियमित रूप से नौकासन योग का अभ्यास किया जा सकता है। नौकासन योग से पेट के अंगों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने में मदद मिलती है, साथ ही यह हैमस्ट्रिंग में जकड़न को कम करने के साथ शरीर के लचीलेपन में सुधार करने में भी आपके लिए सहायक योगासन है। 
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कंधों की समस्या के लिए योग - फोटो : pixabay
कंधों की समस्या के लिए योग

सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण लोगों में फ्रोजन शोल्डर जैसी कंधों की समस्या काफी बढ़ गई है। कंधे की दिक्कतों को कम करने के लिए पश्चिमोत्नासन योग का नियमित अभ्यास करना विशेष लाभप्रद हो सकता है। यह योगासन कंधों और रीढ़ की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ मांसपेशियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त तनाव को कम करने में सहायक है। इस योग के नियमित अभ्यास से कंधे के साथ पीठ और रीढ़ से संबंधित समस्याओं का जोखिम भी कम हो जाता है। 


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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