शारीरिक सक्रियता सिर्फ शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण विकास के लिए भी आवश्यक है। यही कारण है कि बच्चों को आउटडौर गेम्स के लिए बढ़ावा देने की विशेषज्ञ सलाह देते हैं। हालांकि शहरी क्षेत्रों में आउटडोर गेम्स का मौका कम बन पाता है इसलिए विशेषज्ञ बच्चों के लिए नियमित योग और व्यायाम के अभ्यास की आदत डालना भी फायदेमंद हो सकता है। योगासन, शारीरिक और मानसिक फिटनेस को बनाए रखने के साथ बच्चों के विकास को बढ़ावा देने और कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने में मददगार माने जाते हैं।
योग विशेषज्ञ कहते हैं, स्कूली उम्र के बच्चों (6 से 12 वर्ष की आयु) में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए योग और मेडिटेशन के अभ्यास को काफी कारगर माना गया है। योग बच्चों में शारीरिक संतुलन और शक्ति में सुधार करते हैं। बच्चों के लिए योग की आदत मनोवैज्ञानिक लाभ प्रदान कर सकती है। नियमित रूप से योगासनों को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप बच्चों को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकते हैं।
आइए जानते हैं कि सभी बच्चों को दिनचर्या में किन योगासनों को जरूर शामिल करना चाहिए?