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कोरोना काल में जरूर करें ये योग आसन, इम्यूनिटी बढ़ने के अलावा मिल सकते हैं अन्य फायदे

Mon, 12 Jul 2021 03:20 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
आज के दौर में कई ऐसी खतरनाक बीमारियां हैं, जिनकी एक बार चपेट में आने की वजह से व्यक्ति की पूरी जिंदगी तक खराब हो जाती है। पहले से कई बीमारियों के बीच कोरोना वायरस महामारी ने तो हर किसी को स्वास्थ्य के प्रति चिंतित कर दिया है। वहीं, इसके बदलते रूप भी काफी घातक साबित हो रहे हैं। ऐसे में एक बात शुरू से कही जा रही है कि अगर कोरोना वायरस से बचना है तो लोगों को अपनी इम्यूनिटी पर खास ध्यान देना होगा। किसी भी प्रकार के वायरस व बीमारी से बचने के लिए इम्यूनिटी का मजबूत होना बेहद जरूरी है, जिसके लिए लोग कई तरह के काढ़े और दवाओं का भी सेवन करते हैं। वहीं, हेल्दी खाना खाने से भी इम्यूनिटी के बढ़ने में मदद मिलती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नियमित रूप से योग करने से शरीर में एनर्जी का संचार होता है और कुछ योग आसन ऐसे भी हैं जो हमारी इम्यूनिटी बढ़ाने के अलावा हमें कई तरह के अन्य फायदे भी देते हैं। तो चलिए जानते हैं इन आसन और इनके फायदों के बारे में।
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Kapalbhati - फोटो : iStock
कपालभाती
  • इस योग आसन को करने के लिए आपको अपनी रीढ़ को सीधा रखना है और जमीन पर या किसी कुर्सी पर बैठना है। फिर नाक के दोनों छिद्रों से तेजी के साथ सांस छोड़ें और अंदर लें। इसके बाद सांस को अंदर खींचते हुए पेट को जितना हो सके बाहर निकालें। धीरे-धीरे करके इस क्रिया को बढ़ाएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
हो सकते हैं ये फायदे

-सांस से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलती है
-अस्थमा के मरीजों के लिए लाभदायक
-शरीर में खून का संचार अच्छे से होता है
-कब्ज की समस्या में आराम मिलता है
-पेट की चर्बी कम होने में मदद मिलती है।

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Sarvangasana - फोटो : Amar Ujala
सर्वांग पुष्टि आसन
  • इसमें आपको एक मैट पर दोनों पैर फैलाकर सीधे खड़े होना है। मुट्ठी ऐसे बंद कर लें ताकि अंगूठा न दिखाई दे। फिर दोनों हाथों को नीचे झुकाएं और बाएं टखने के पास बायां हाथ नीचे और दायां हाथ कलाई के ऊपर रखना है। अब सांस भरें और धीरे-धीरे करके दोनों हाथों से ऊपर की तरफ बाएं कंधे के बाजू से सिर तक ले जाएं और दाएं टखने की तरफ सांस को छोड़ें। इस दौरान बायां हाथ ऊपर और दाहिना हाथ नीचे की तरफ रखें। इसके बाद दोबारा सांस लेते हुए दोनों हाथों को नीचे से ऊपर दाएं कंधे तक लाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं। फिर बाईं तरफ मुडें और दोनों हाथों को बाएं कंधे से नीचे की तरफ बाएं टखने तक लाएं। इस दौरान सांस छोड़ते रहें हाथ को बदल-बदलकर बायां नीचे और दाहिना ऊपर रखें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
हो सकते हैं ये फायदे

-मांसपेशियां मजबूत रहती हैं
-मोटापा और वजन कम होता है
-फैट कम हो सकता है
-कमर लचीली बनती है।
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अनुलोम-विलोम - फोटो : istock
अनुलोम-विलोम
  • इसमें आपको पांव मोड़कर यानी पालथी मारकर सुखासन में बैठना है। फिर दाएं अंगूठे से दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर खीचिए। इसके बाद अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें और दाहिनी नासिका खोलकर उससे सासं बाहर की तरफ छोड़ें। फिर आखिर में दाहिनी नासिका से सांस अंदर की तरफ लें और इसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस को बाहर की तरफ छोड़ें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
हो सकते हैं ये फायदे

-फेफड़ों को मजबूत करने में फायदा मिलता है
-तनाव दूर करने में मदद
-जल्दी बीमारी नहीं पकड़ती है
-पाचन तंत्र दुरुस्त रहने में मदद
-गठिया के लिए लाभकारी
-वजन कम होता है।
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