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Yoga Tips: पीरियड्स में कर रही हैं ये योगासन? तुरंत रोकें, सेहत को हो सकता है भारी नुकसान

Tue, 29 Jul 2025 10:14 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Yoga Asanas During Periods to Prevent: अगर आप या आपकी कोई सहेली योगाभ्यास करती हैं और इस दौरान मासिक धर्म से गुजर रही हैं तो ये जान लें कि कौन से योगासन पीरियड्स में नहीं करने चाहिए और क्यों।
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पीरियड्स में महिलाएं न करें ये योगासन - फोटो : Freepik.com
Yoga Asanas During Periods to Prevent: मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज़ या स्ट्रेचिंग दर्द और मूड स्विंग्स से राहत दिला सकती है, लेकिन क्या आप जानती हैं कि कुछ योगासन ऐसे भी होते हैं जिन्हें इस समय बिल्कुल नहीं करना चाहिए? दरअसल, पीरियड्स के दौरान शरीर की हालत सामान्य नहीं होती है। इस दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव, ब्लड फ्लो और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में कुछ गलत योगासन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं, पीठ और पेट दर्द को बढ़ा सकते हैं, यहां तक कि अत्यधिक ब्लीडिंग का कारण भी बन सकते हैं। ऐसे में अगर आप या आपकी कोई सहेली योगाभ्यास करती हैं और इस दौरान मासिक धर्म से गुजर रही हैं तो ये जान लें कि कौन से योगासन पीरियड्स में नहीं करने चाहिए और क्यों।
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शीर्षासन - फोटो : freepik.com
 शीर्षासन 

यह योगासन मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे दिमाग को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। हालांकि यह उल्टा आसन है जो ब्लड फ्लो को सिर की ओर बढ़ाता है। पीरियड्स के दौरान इससे यूटरस प्रेशर और चक्कर आने की संभावना बढ़ जाती है। ब्लड प्रेशर और सर्वाइकल की समस्या वालों को इस आसन के अभ्यास से बचना चाहिए। 
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सर्वांगासन - फोटो : amar ujala
सर्वांगासन 

सर्वांगासन को फुल बाॅडी आसन कहते हैं। इसके अभ्यास से पाचन में सुधार होता है और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है। यह आसन पोस्चर थायरॉइड और पिट्यूटरी ग्लैंड को सक्रिय करता है, जिससे हॉर्मोनल बैलेंस बना रहता है। हालांकि इस आसन में शरीर उल्टा हो जाता है जिससे नेचुरल ब्लड फ्लो डिस्टर्ब होता है। पीरियड्स में यह हॉर्मोनल बैलेंस को बिगाड़ सकता है।

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हलासन - फोटो : Freepik
हलासन

इस आसन में पैरों को सिर के पीछे ले जाया जाता है, जिससे पेट और कमर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। जिससे कमर और पेट पर ज्यादा खिंचाव आता है। इससे पेट दर्द और ब्लीडिंग बढ़ सकती है। मासिक धर्म के अलावा गर्भावस्था में भी इस योग का अभ्यास न करें।
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कपालभाति प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
कपालभाति प्राणायाम 

अधिकतर लोग कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास करते हैं तो वजन नियंत्रित करने, पेट की चर्बी घटाने और शरीर के विषैले तत्व बाहर निकालकर पेट साफ करने में सहायक है। इसमें तीव्र गति से सांस छोड़ी जाती है, जिससे पीरियड्स के दौरान यूटरस में अनावश्यक दबाव बना सकता है। यह थकावट और चक्कर का कारण बन सकता है।
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नौकासन - फोटो : freepik
नौकासन 

नौकासन पेट और जांघों की चर्बी घटाने के लिए सबसे असरदार योग है। हालांकि इस आसन से पेट और कमर की मांसपेशियों पर टारगेट होता है, जिसके कारण पीरियड्स में यह दर्द और खिंचाव को और बढ़ा सकता है।

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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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