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Viparita Karani Benefits: दीवार पर पैर रखकर लेटने के हैं कई फायदे, ब्लड सर्कुलेशन से लेकर नींद तक होगा असर

Mon, 03 Aug 2026 12:20 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Legs Up the Wall Pose: पैरों को दीवार के सहारे ऊपर रखने वाली योग मुद्रा को विपरीत करनी कहा जाता है। इसमें 15-20 मिनट तक पैरों को दीवार से टिकाकर लेटा जाता है। यह मुद्रा पैरों की थकान कम करने, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने, तनाव घटाने, शरीर को रिलैक्स करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकती है। हालांकि, किसी गंभीर बीमारी, ग्लूकोमा, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप या अन्य चिकित्सीय समस्या होने पर इसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।
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विपरीत करणी आसन के फायदे - फोटो : Ai

Viparita Karani Yoga Kaise Kare : आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में घंटों बैठकर काम करना, लंबे समय तक खड़े रहना और लगातार स्क्रीन के सामने समय बिताना आम बात हो गई है। इसका असर सबसे पहले पैरों, कमर और पूरे शरीर पर दिखाई देता है। दिनभर की थकान, पैरों में सूजन, तलवों में दर्द और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं। ऐसे में यदि कोई ऐसा आसान उपाय मिल जाए जिसे घर पर बिना किसी विशेष उपकरण के किया जा सके, तो इससे बेहतर क्या होगा?

योग में एक ऐसी ही सरल और प्रभावी मुद्रा है विपरीत करनी। इस मुद्रा में व्यक्ति दीवार के सहारे अपने पैरों को ऊपर रखकर आराम की स्थिति में कुछ मिनट तक लेटा रहता है। माना जाता है कि यह अभ्यास शरीर को आराम देने, पैरों की थकान कम करने और मानसिक शांति महसूस कराने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसके कुछ लाभों पर वैज्ञानिक शोध सीमित हैं और परिणाम व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर करते हैं।

अगर आप दिनभर की थकान दूर करना चाहते हैं या अपने रूटीन में कुछ मिनट का रिलैक्सेशन जोड़ना चाहते हैं, तो यह योग मुद्रा आपके लिए एक आसान विकल्प हो सकती है।

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विपरीत करणी आसन के फायदे - फोटो : Ai

विपरीत करनी मुद्रा क्या है?

विपरीत करनी एक सरल योग मुद्रा है, जिसमें पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को दीवार के सहारे लगभग 90 डिग्री के कोण पर ऊपर रखा जाता है। इस दौरान शरीर पूरी तरह आराम की स्थिति में रहता है। इसे रेस्टोरेटिव योगासन भी माना जाता है, क्योंकि इसका उद्देश्य शरीर और मन को शांत करना होता है।

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पैर में दर्द के कारण - फोटो : Adobe Stock

पैरों की थकान और सूजन में मिल सकती है राहत

यदि आपका काम लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने वाला है, तो दिन के अंत में पैरों में भारीपन महसूस हो सकता है। इस मुद्रा से पैरों को आराम मिलता है और कुछ लोगों में सूजन या भारीपन कम महसूस हो सकता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन या दर्द के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

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नींद की समस्या - फोटो : Freepik.com

तनाव कम करने और बेहतर नींद में सहायक

आरामदायक वातावरण में 15-20 मिनट तक इस मुद्रा में रहने से शरीर रिलैक्स महसूस कर सकता है। गहरी और धीमी सांसों के साथ यह अभ्यास मानसिक तनाव कम करने और बेहतर नींद की तैयारी में मदद कर सकता है।

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ब्लड सर्कुलेशन - फोटो : Adobe

ब्लड सर्कुलेशन और रिकवरी को सपोर्ट

पैरों को ऊपर रखने से नसों पर पड़ने वाला दबाव कुछ समय के लिए कम हो सकता है और शरीर को आराम का अनुभव हो सकता है। कुछ लोगों को लंबे दिन के बाद इससे रिकवरी महसूस होती है। हालांकि, इसे ब्लड प्रेशर या रक्त संचार से जुड़ी समस्याओं का उपचार नहीं माना जाना चाहिए।

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विपरीत करणी आसन के फायदे - फोटो : Ai

कैसे करें और किन बातों का रखें ध्यान?
 

  • दीवार के बिल्कुल पास बैठ जाएं।

  • धीरे-धीरे पीठ के बल लेटते हुए दोनों पैरों को दीवार पर ऊपर रखें।

  • हाथों को शरीर के दोनों ओर आराम से रखें।

  • सामान्य गति से गहरी सांस लेते रहें।

  • 10–20 मिनट तक इसी स्थिति में रहें।

  • धीरे-धीरे करवट लेकर उठें।


किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
 

  • आंखों का ग्लूकोमा या गंभीर नेत्र रोग।

  • हाल ही में हुई सर्जरी।

  • गंभीर कमर या गर्दन की चोट।

  • अनियंत्रित उच्च रक्तचाप या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।

  • यदि मुद्रा के दौरान दर्द, चक्कर या असहजता हो तो तुरंत अभ्यास रोक दें।

 

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